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उदयपुर के एमबी अस्पताल में ब्लड संकट : हजार यूनिट क्षमता के बैंक में सिर्फ 77 यूनिट ब्लड

3 वर्ष पहले
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उदयपुर | संभाग के सबसे बड़े एमबी अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड संकट खड़ा हो गया है। 1000 यूनिट ब्लड क्षमता वाले इस बैंक में फिलहाल 77 यूनिट खून ही बचा है जबकि एमबी-बाल चिकित्सालय और जनाना अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 60 यूनिट रक्त की खपत होती है। A-, B-, O- और AB- ग्रुप का तो एक भी यूनिट रक्त बैंक में नहीं है। 77 यूनिट में भी निगेटिव ग्रुप का 11 यूनिट रक्त वह है जो रोगियों के लिए उनके रिश्तेदारों/परिचितों ने दान दिया है। बाकी 66 यूनिट रक्त A+, B+, O+ और AB+ ग्रुप का है। इसमें भी 30 यूनिट तैयार और सिर्फ 36 यूनिट ब्लड अनटेस्टेड (रिजर्व) है। ऐसे में सड़क हादसों में गंभीर घायल, जटिल ऑपरेशन और रक्त की कमी वाले रोगियों के लिए खतरा पैदा हो गया है। डॉक्टरों के अनुसार हालात इतने खराब हो गए हैं कि हर दिन बाहर से खून मंगाकर जरूरत पूरी की जा रही है। रविवार को भी भीलवाड़ा से 35 और माउंटआबू से 15 यूनिट रक्त मंगाया गया है। इधर, अस्पताल प्रशासन ने अलर्ट जारी कर डॉक्टरों से कहा है कि रक्त की जरूरत वाले केसेज में मरीज के परिजनों को पहले ही बता दें कि वे रक्त की व्यवस्था कर लें।

इन जांचों में लग जाते चार-चार घंटे, रक्त का स्टॉक जरूरी, कभी भी पड़ सकती जरूरत : ट्रांस फ्यूजन मेडिसिन प्रमुख डॉ. संजय प्रकाश ने बताया कि सेरोलॉजी जांच में चार घंटे लगते हैं। इसमें एचआईवी, हैपेटाइटिस-A, B, मलेरिया जैसी बीमारियां शामिल हैं। इन रोगियों का चार घंटे से पहले रक्त मिलना संभव नहीं है। अस्पताल प्रशासन को बता दिया है कि जिन मरीजों को ब्लड की जरूरत पड़ सकती है उनके परिजनों को पहले बैंक भेज दें ताकि वे अपने रोगी के लिए रक्तदान या किसी तरह व्यवस्था कर सके।

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