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स्टोन डस्ट, पोकलेन के टेंडर विवादित फर्नीचर ठेकेदार कोर्ट में दायर करेगा केस
नपा में पोकलेन के अभाव में नालों की सफाई नहीं हो रही है। कर्मचारियों से कराया जा रहा काम।
फर्नीचर का टेंडर मिलने के बाद भी कैंसिल कर दिया, कोर्ट जाएंगे
नगर पालिका में फर्नीचर सप्लाई का टेंडर करीब 9 लाख रुपए का था। आरके कंस्ट्रक्शन को यह मिला था। ठेकेदार आकाश भारती ने बताया नियमानुसार उन्हें टेंडर दिया जाना चाहिए था, लेकिन चहेतों को लाभ देने के लिए नपा ने इसे कैंसिल कर दिया और चहेते ठेकेदार को टेंडर दे दिया। इस मामले की शिकायत उन्होंने कलेक्टर, नगरीय प्रशासन आयुक्त से की। मगर, कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर अब वे सोमवार को कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
ठेकेदार बोले: हर टेंडर में नियम एक जैसे होने जरूरी
पोकलेन के ठेके में नगर पालिका सारनी ने यह शर्त रखी मशीन ठेकेदार के नाम से पंजीकृत होनी चाहिए। जबकि यह कहीं भी सही नहीं है। ऐसे में कचरा गाड़ी के टेंडर में भी ठेकेदार के नाम से वाहन पंजीकृत होने जरूरी है। टैंकर, स्टोन डस्ट वाहन समेत अन्य जरूरी वाहन जो नपा में लगे हैं वे भी ठेकेदार के नाम से पंजीकृत होने चाहिए। बाकी टेंडरों में भी या तो ऐसे नियम हो या किसी में भी वाहन ठेकेदार के नाम से पंजीकृत होने के नियम नहीं होने चाहिए।
अपंजीकृत ठेकेदारों के कारण पंजीकृत का नुकसान
जो ठेकेदार पंजीकृत हैं वे सरकार को पूरा टैक्स, मजदूरों का पीएफ, पंजीयन शुल्क समेत अन्य जरूरी टैक्स देते हैं। नपा की टेंडर प्रक्रिया में कई ऐसे ठेकेदार हैं जिनके पंजीयन नहीं हैं। ठेका मिलने बाद वे पंजीयन कराते हैं। ऐसे में पंजीकृत ठेकेदार इसकी सजा भुगतते हैं। नियमानुसार तो ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में पंजीकृत ठेकेदारों के पूरे कागजात जांचने के बाद ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। जय कुमार शिंदे, नपा मामलों के अधिवक्ता
सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है
टेंडर से संबंधित प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इसमें किसी तरह का हेरफेर संभव नहीं है। शिकायत की जांच के बाद सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। बजट कोड आधारित, टेंडर ऑनलाइन, खरीदी भी सरकार के पोर्टल से होती है। ऐसे में गड़बड़ी कर पाना संभव ही नहीं। पवन कुमार राय, सीएमओ, नपा सारनी
बाहरी लोगों का हस्तक्षेप ज्यादा
नगर पालिका में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप ज्यादा है। पीआईसी में भी बाहरी लोग हस्तक्षेप कर रहे हैं। स्टोन डस्ट के टेंडर 70 फीसदी कम दर पर दिए हैं। इतनी कम राशि में सप्लाई करना संभव नहीं है। फर्नीचर, पोकलेन समेत हर टेंडर में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन के नियम बनाए जा रहे हैं। चहेतों को लाभ दिया जा रहा है। बटेश्वर भारती, कार्यवाहक ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस सारनी