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ट्राॅमा में सेंट्रल सप्लाई सिस्टम से अब 24 घंटे मिलेगी ऑक्सीजन

3 वर्ष पहले
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दुर्घटना में घायल हुए मरीजों को अब ट्राॅमा सेंटर में बिना रुकावट 24 घंटे ऑक्सीजन मिल सकेगी। दरअसल ट्राॅमा यूनिट के आईसीयू में सेंट्रल सप्लाई सिस्टम लागू करने का काम पूरा हो गया है। अब सिलेंडर की ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति में भी मरीज को परेशानी नहीं होगी, नलियों में दूसरे सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई शुरू हो जाएगी।

जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में ऑक्सीजन की सप्लाई का सेंट्रल सप्लाई सिस्टम लागू करने के लिए कुछ समय पहले काम शुरू किया था। इसके तहत मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन की पाइप लाइनें जोड़ी गई हैं। सभी मरीजों के बेड के समीप सेंट्रल सप्लाई सिस्टम की पाइप लाइन आ चुकी हैं। इसे सेंट्रल सप्लाई से जोड़ दिया है। जिससे एक सिलेंडर की ऑक्सीजन खत्म होने पर सप्लाई रुकेगी नहीं। दूसरे सिलेंडर से सप्लाई शुरू हो जाएगी। इस तरह 24 घंटे कंटीन्यू सप्लाई दी जा सकेगी। यह काम अब पूरा हो चुका है और ट्राॅमा यूनिट के आईसीयू की ऑक्सीजन सप्लाई सेंट्रल सप्लाई सिस्टम से जोड़ दी है। इससे मरीजों को लगातार ऑक्सीजन सप्लाई मिलेगी। किसी तरह की अनहोनी की आशंका भी कम होगी।

3 करोड़ की लागत से बनाया है ट्रामा सेंटर

दुर्घटना में गंभीर घायल मरीजों के उपचार के लिए 3 करोड़ की लागत से ट्राॅमा यूनिट बनाई है। 2014 में इस भवन का निर्माण शुरू किया था। 2016 में इसका निर्माण पूरा हो गया था। 27 नवंबर 2016 को इस भवन का लोकार्पण कर इसमें मरीजों का उपचार शुरू करवाया था।

गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से हुई थी बच्चों की मौत

देश के अलग-अलग अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण कई मौतें हो चुकी हैं। लगभग 6 महीने पहले गोरखपुर के अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने से 40 से अधिक बच्चों की जान चली गई थी। इस तरह की स्थितियों को देखकर ही ट्राॅमा सेंटर में सेंट्रल सप्लाई सिस्टम लागू किया था।

1967 में बना था अस्पताल, अब मिली सुविधा

1967 में 30 बेड वाला जिला अस्पताल शुरू हुआ था। समय के साथ इसमें बेड की संख्या बढ़ते हुए अब 300 हो चुकी है। मरीजों के बढ़ने के साथ ही अब ऑक्सीजन सप्लाई में सुधार करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। ट्राॅमा यूनिट में यह सिस्टम इसी क्रम में लागू किया है।

सिस्टम चालू कर दिया है

ट्रॅामा सेंटर में ऑक्सीजन की सप्लाई का सेंट्रल सप्लाई सिस्टम लगाने का काम पूरा हो चुका है। इसे चालू कर दिया है। सेंट्रल सप्लाई सिस्टम से बिना रुकावट 24 घंटे मरीज तक ऑक्सीजन पहुंच सकेगी। डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन

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