ग्रीष्म तुम्हारे छूने से झुलस रहे पौधे...
सृजन सखियों ने किया काव्य पाठ
बैतूल| नेहरू पार्क में मंगलवार देर रात तक सृजन सखियों ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर सरोजनी कावले ने ग्रीष्म तुम्हारे छूने से झुलस रहे पौधे हरियाली कविता सुनाई। शशि खंडेलवाल ने बच्चों की छुट्टियां और गर्मियों की मौज मस्ती भरी कविता सुनाई। सुमेघा सोमण ने मन की बात अतिथि के आगमन पर तब और अब की परिस्थिति का बखान किया। मीरा एंथोनी ने मां पे बहुत ही मार्मिक कविता पढ़ी। अध्यक्ष गुंजन खंडेलवाल ने मां और पत्थर कविता मजदूरी कर रही मां का चित्रण बखूबी किया। विद्या निर्गुड़कर ने श्रम और श्रमिक को लेकर कुछ क्षणिकाएं सुनाएं तो वहीं दिल को व्यतीत करने वाली कविता जिंदगी झूल गई फंदे पर सुनाई। संयोजिका मीरा एंथोनी ने सक्रिय सखियों का आभार व्यक्त किया।