जैताढाना गांव में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को पं. अंकित कृष्ण महाराज ने कहा जो भगवान का है वहीं भागवत है। वटुक जी महाराज ने कहा जिस प्रकार प्रयाग में गंगा, यमुना, सरस्वती नदियों का संगम है, उसी प्रकार श्रीमद भागवत भक्ति, ज्ञान, वैराग्य का संगम है। इस परम पावन पुरुषोत्तम मास में जो वैष्णव हरि भक्त गोते लगाते हैं, वो निश्चित ही मोक्ष के अधिकारी होते हैं। वटुक जी महाराज ने कहा नारद जी कलयुग की दशा को देखकर व्यथित हो रहे थे, तब सनकादिक ऋषियों के उपदेश से श्रीमद भागवत की कथा श्रवण कर भक्ति ज्ञान वैराग्य सहित अपने जीवन को मंगलमय बनाया।
इस अवसर पर अंकित कृष्ण महाराज ने सुमधुर गीत भी प्रस्तुत किए। आयोजन समिति के कैलाश पवार ने बताया कथा में परीक्षित जन्म, महाभारत तथा कर्दम ऋषि का चरित्र की कथा सुनाई। दोपहर 2 से 4 और रात 8 से 11 बजे तक कथा सुनाई जा रही है।