गढ़वा जिला अंतर्गत पदस्थापित क्षेत्रीय कर्मचारियों पर हो रहे लगातार अत्याचार के विरोध में जिले के कर्मचारी, जनसेवक, अंचल निरीक्षक व पंचायत सेवक शुक्रवार को कलमबंद हड़ताल पर रहे। इस अवसर पर कर्मचारियों ने कहा कि गढ़वा जिले में वर्तमान समय में क्षेत्रीय कर्मचारियों पर लगातार अत्याचार व मारपीट की घटना हो रही है। इस कारण कर्मचारियों को काम करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि उक्त अत्याचार के विरोध में 22 मई को समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसीबी के द्वारा धुरकी अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी को रिश्वत नहीं लेते हुए भी गिरफ्तार किया गया। उन्हें बाइज्जत रिहा किया जाए।
डंडई प्रखंड के रारो पंचायत के पंचायत सेवक के साथ की गई मारपीट के आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। जिले में पदस्थापित जनसेवकों को गैर कृषि कार्य से मुक्त किया जाए। साथ ही भंडरिया के जनसेवक ओमप्रकाश सिंह के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। इधर जनसेवक संघ के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने 22 मई को आयोजित किए जाने वाले धरना- प्रदर्शन को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी सह प्रधान वैज्ञानिक डॉ अमरेश चंद्र पांडेय को ज्ञापन सौंपा है।
सौंपे गए ज्ञापन में सुशील कुमार ने कहा है कि जिले के सभी जनसेवक आकस्मिक अवकाश लेकर नियत तिथि को धरना- प्रदर्शन में शामिल होंगे। कलमबंद हड़ताल पर रहने वालों में राजस्व एवं भूमि सुधार संघ के जिलाध्यक्ष नथुनी राम, दशरथ राम, ब्रजभूषण पांडेय, रंजन कुमार दूबे, ज्ञान केशरी, अखिलेश कुमार राम, परमानंद प्रसाद, चंद्रकिशोर, कुणाल गौरव, सुनीता कुमारी, नरेश ठाकुर, श्रीकांत उपाध्याय, सुनिल कुमार आदि के नाम शामिल हैं।
धरना- प्रदर्शन से संबंधित ज्ञापन सौंपते जनसेवक संघ के जिलाध्यक्ष व अन्य।