भरतपुर। जिला जाट महासभा की ओर से मृत्युभोज के विरूद्व चलाए जा रहे अभियान के अन्तर्गत शुक्रवार को बहनेरा में भगवान सिंह भामाशाह की अध्यक्षता में मृत्यु भोज नहीं करने का फैसला लिया। पंचायत में हुए फैसले के बाद पंच पटेलों ने गांव में चंद्रकला के निधन के बाद उनके पुत्रों भूपेन्द्र सिंह व नत्था सिंह को मृत्युभोज नहीं करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर मृत्युभोज नहीं कराने का आश्वासन दिया। राजस्थान जाट महासभा प्रदेश महामंत्री राकेश फौजदार ने कहा कि बहनेरा में मृत्युभोज नहीं करने के निर्णय का सकारात्मक प्रभाव सेवर पंचायत समिति के अन्तर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों में पड़ेगा। जिला जाट महासभा महामंत्री गोविंद भगोर ने कहा कि शास्त्रों में मानव के लिए गर्भधारण से अंतिम क्रिया 16 संस्कार बताए गए हैं, जिनमें मृत्युभोज का कोई स्थान नहीं है। इसलिए इस कुरीति को समाज से मिटाना आवश्यक है। पंचायत में दलवीर सिंह, रूप सिंह आिद लोग मौजूद थे।