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अब कैंसर रोगियों को मिलेगी स्क्रीनिंग पैलिएटिव और कीमोथैरेपी की सुविधा

3 वर्ष पहले
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जिले में हर चाैथा व्यक्ति धूम्रपान की लत से ग्रस्त है। इसलिए उनमें कैंसर होने की आशंका ज्यादा होती है। इसलिए आरबीएम अस्पताल प्रशासन ने कैंसर केयर यूनिट शुरू की है। अभी तक रोगी जयपुर जाने को मजबूर थे, किंतु अब आरबीएम में कैंसर स्क्रीनिंग, कैंसर पैलिएटिव थैरेपी, कीमोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। इसका सबसे अधिक फायदा महिलाओं को मिलेगा। महिलाओं में स्तन और गर्भाशय का कैंसर की शिकायत अधिक होती है।

एक सर्वे के मुताबिक विश्व भर में स्तन और गर्भाशय कैंसर का हिस्सा 50 फीसदी है, जबकि पुरुषों में गले का कैंसर सर्वाधिक 29 प्रतिशत होता है। जिसका इलाज आरबीएम में हो सकेगा। आरबीएम में कैंसर रोगियों का पंजीकरण, परामर्श, रैफरल, फॉलो-अप कीमोथैरेपी एवं पैलिएटिव केयर आदि की सुविधा नियमित रूप से दी गई है। कैंसर रोगियों को भर्ती की व्यवस्था भी की गई है। डा. ज्योति को जिला कैंसर नोडल अधिकारी के पद पर लगाया गया है। जो हाल ही में मुंबई के मशहूर एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लेकर आई हैं। इसके अलावा मेडिकल कालेज के सर्जरी के सह आचार्य डा. सुदर्शन गोठवाल को ब्रेस्ट कैंसर विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। मेल नर्स राधेश्याम चौधरी व भूपेंद्र सिंह को मध्यप्रदेश के उज्जैन के कैंसर इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लेकर आए हैं। फीमेल स्टाफ में नीरज चौधरी व चेतना शर्मा को भी प्रशिक्षण दिलाया गया है। फरवरी में लगे शिविर में 63 कैंसर रोगी सामने आए थे। प्रशासन ने तभी कैंसर यूनिट प्रारंभ करना तय किया। बाद में प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को कैंसर परामर्श शिविर भी लगाए, जिसमें अच्छी खासी संख्या में कैंसर रोगी सामने आए।

सबसे ज्यादा महिलाओं में स्तन और गर्भाशय का कैंसर, यह सभी कैंसरों का 50 फीसदी, रोगियों के लिए भर्ती की व्यवस्था भी हो चुकी है शुरू

भरतपुर. आरबीएम अस्पताल में खुली कैंसर केयर यूनिट।

भास्कर संवाददाता | भरतपुर

जिले में हर चाैथा व्यक्ति धूम्रपान की लत से ग्रस्त है। इसलिए उनमें कैंसर होने की आशंका ज्यादा होती है। इसलिए आरबीएम अस्पताल प्रशासन ने कैंसर केयर यूनिट शुरू की है। अभी तक रोगी जयपुर जाने को मजबूर थे, किंतु अब आरबीएम में कैंसर स्क्रीनिंग, कैंसर पैलिएटिव थैरेपी, कीमोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। इसका सबसे अधिक फायदा महिलाओं को मिलेगा। महिलाओं में स्तन और गर्भाशय का कैंसर की शिकायत अधिक होती है।

एक सर्वे के मुताबिक विश्व भर में स्तन और गर्भाशय कैंसर का हिस्सा 50 फीसदी है, जबकि पुरुषों में गले का कैंसर सर्वाधिक 29 प्रतिशत होता है। जिसका इलाज आरबीएम में हो सकेगा। आरबीएम में कैंसर रोगियों का पंजीकरण, परामर्श, रैफरल, फॉलो-अप कीमोथैरेपी एवं पैलिएटिव केयर आदि की सुविधा नियमित रूप से दी गई है। कैंसर रोगियों को भर्ती की व्यवस्था भी की गई है। डा. ज्योति को जिला कैंसर नोडल अधिकारी के पद पर लगाया गया है। जो हाल ही में मुंबई के मशहूर एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लेकर आई हैं। इसके अलावा मेडिकल कालेज के सर्जरी के सह आचार्य डा. सुदर्शन गोठवाल को ब्रेस्ट कैंसर विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। मेल नर्स राधेश्याम चौधरी व भूपेंद्र सिंह को मध्यप्रदेश के उज्जैन के कैंसर इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लेकर आए हैं। फीमेल स्टाफ में नीरज चौधरी व चेतना शर्मा को भी प्रशिक्षण दिलाया गया है। फरवरी में लगे शिविर में 63 कैंसर रोगी सामने आए थे। प्रशासन ने तभी कैंसर यूनिट प्रारंभ करना तय किया। बाद में प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को कैंसर परामर्श शिविर भी लगाए, जिसमें अच्छी खासी संख्या में कैंसर रोगी सामने आए।

सात प्रमुख लक्षण, जांच के बाद साबित

बावल एंड ब्लेडर हैबिट में बदलाव।

बार-बार शौच जाने वाले व्यक्ति को अचानक कब्ज या अधिक दस्त लगना।

स्तन या शरीर में दर्दरहित गांठ होना

घाव या छाला न भरे।

कहीं से भी असामान्य रक्त बहना, मस्सा या तिल में बढ़ोतरी होना।

लगातार खांसी या गले में खरांस में खून आना। परंतु बलगम में खून आने के कई अन्य कारण भी हैं, इनमें क्षय या निमोनिया होने पर भी खून आ सकता है।

लंबे समय तक बदहजमी या खाना खाने में दिक्कत होना।

35 साल के बाद महिलाएं जरूर कराएं मेमोग्राफी टेस्ट: 35 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को साल में एक बार मेमोग्राफी टेस्ट करवाना चाहिए। इसके अलावा पीएपी स्मीयर टेस्ट से बच्चादानी के कैंसर के लक्षण 8-10 साल पहले ही पता लग सकते हैं। पुरुषों को 50 साल की उम्र के बाद साल में एक बार टेस्ट अवश्य करवाना चाहिए।

स्टेज व उपचार के तरीका

स्टेज 1 - सर्जरी अथवा रेडियो थैरेपी

स्टेज 2- सर्जरी व रेडियो थैरेपी

स्टेज 3 व 4- सर्जरी, रेडियो थैरेपी व कीमो थैरेपी

आरबीएम के कमरा नंबर 20 ए में कैंसर केयर यूनिट शुरू की गई है। यहां मरीजों के लिए परामर्श व कीमोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। डाॅ. के.सी. बंसल, अधीक्षक, आरबीएम अस्पताल मेडिकल कालेज

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