पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • दो साल से पाॅवर लैस निगम कमेटियां फिर से होंगी सक्रिय

दो साल से पाॅवर लैस निगम कमेटियां फिर से होंगी सक्रिय

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दो साल से पावर लैस चल रहीं नगर निगम की कमेटियां फिर से सक्रिय होंगी। क्योंकि कमेटियों को अधिकार दिए जाने को लेकर भाजपा के पार्षद ही मेयर के खिलाफ एकजुट हो गए हैं।

पिछले दिनों 15 में से 11 कमेटियों के अध्यक्ष ने आयुक्त को पत्र लिखकर समितियों की बैठक बुलाने की मांग की। जब सुनवाई नहीं हुई तो ये लोग डीएलबी तक चले गए। इसे डीएलबी ने गंभीरता से लिया है और डायरेक्टर पवन अरोड़ा ने आयुक्त को पत्र जारी कर कमेटियों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में लिखा है कि समितियों की बैठक नियमानुसार आयोजित करना आयुक्त का कर्तव्य है। डायरेक्टर के आदेश से निगम हरकत में आ गया है। रविवार को आयुक्त शिवचरण मीणा ने दिन भर कमेटियों के गठन से लेकर अब तक स्थितियों के दस्तावेजों को खंगाला। क्योंकि कमेटियों को अस्तित्व को लेकर लंबे अरसे से खुद मेयर शिवसिंह भोंट द्वारा सवाल खड़े किए जाते रहे हैं, किंतु इस मामले में डिप्टी मेयर इंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में कमेटियों के अध्यक्ष एवं सदस्य पार्षद एकजुट हैं।

तैयारी

डीएलबी निदेशक ने भरतपुर नगर निगम आयुक्त को बैठक कराने के जारी किए आदेश

दो साल से नहीं हुई बैठक

कमेटियों को जून 2015 में राज्य सरकार ने अनुमोदन कराया। इसके तुरंत बाद आयुक्त ने प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर दिए। इसके बाद कमेटियों ने दो-चार मीटिंगें भी कीं। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कमेटी के अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह, वित्त कमेटी के अध्यक्ष योगेंद्रसिंह गप्पू, उद्यान एवं पर्यावरण कमेटी के अध्यक्ष मोती सिंह ने कहा कि दो साल हो गए। हम तो मीटिंग करना चाहते थे, किंतु मेयर के आदेश पर सदस्य सचिव के रूप में जो अधिकारी लगाए गए वे आते ही नहीं थे।

फर्जीवाड़े पर पर्दा बना रहे इसलिए नहीं होने दीं बैठकें

डिप्टी मेयर इंद्रपाल सिंह ने कहा कि कमेटियों को मेयर शिवसिंह भोंट ने जानबूझ कर पावर लैस किया। क्योंकि इससे निगम में चल रहे फर्जीवाड़े पर पर्दा हट सकता था। मसलन, उन्होंने सफाई ठेकेदार पर सही काम नहीं करने पर 3 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई जो उन्हें नागवार गुजरी। बीट सफाई कर्मियों के ठेके, गुलाल कुंड में नाला निर्माण आदि नियमों के खिलाफ हो रहे कार्यों पर आपत्ति जताई थी। मेयर के कहने पर तत्कालीन आयुक्त ने कमेटी अध्यक्षों द्वारा फाइल पर हस्ताक्षर करने पर आपत्ति जताते हुए लेटर जारी किया था। और मीटिंगों को बंद करा दिया।

सब काम खुद ही करना चाहते हैं मेयर : योगेंद्र सिंह

वित्त कमेटी के अध्यक्ष योगेंद्रसिंह गप्पू ने कहा कि मेयर साहब सारा काम खुद ही करना चाहते हैं। इसलिए कमेटियों को काम नहीं करने दे रहे। जबकि कमेटियां राज्य सरकार से अनुमोदित हैं। उन्हें खत्म करने का अधिकार ही नहीं है। हमारी बात को डीएलबी ने माना है। मीटिंग कराने के आदेश आयुक्त को दिए हैं।

खबरें और भी हैं...