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दस साल बाद बैशाख में आज सोमवती अमावस्या

3 वर्ष पहले
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सोमवती अमावस्या सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि व अश्विनी नक्षत्र में मनाई जाएगी। ऐसा संयोग 10 साल बाद बन रहा है। इसके पूर्व 5 मई 2008 ऐसा मुहूर्त आया था। इसके साथ नक्षत्र मंडल का प्रथम अश्विनी नक्षत्र का भी इसी दिन होना इस दिन की शुभता में वृद्धि करने वाला रहेगा। पंडित रामभरोसी भारद्वाज ने बताया कि इस नक्षत्र के स्वामी भगवा गणेश है, जो विघ्नहर्ता है। वैशाख में सोमवती अमावस्या का संयोग 10 वर्ष बाद हो रहा है। गंगा सप्तमी अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त वाला दिन है, परंतु इस दिन पुष्य नक्षत्र योग भी रहने से इस तिथि का महत्व गई गुना बढ़ गया है। इस दिन रवि पुष्य योग भी रहेगा। भगवान चित्रगुप्त का प्राकट्य दिवस भी हैं। गंगा व चित्रगुप्त की पूजा वाले इस दिन में किए गए शुभ कार्य विशिष्ट फलदायी रहेंगे। खरीद-फरोख्त करने के लिए भी यह दिन उत्तम रहेगा। इधर, सूर्य देव के मेष राशि में आ जाने से सूर्य की संक्रांति प्रारंभ हो गई है। इससे सौर मास की गणना प्रारंभ हो गई। सूर्य की संक्रांति से सूर्य की संक्रांति तक को शादी-विवाह के लिए शुभ माना जाता है। अप्रैल में विवाह के चार मुहूर्त हैं। सबसे बड़ा अबूझ सावा अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है। मई में विवाह के सिर्फ दो ही मुहूर्त हैं, क्योंकि 16 मई से 13 जून तक अधिकमास है। विवाह के सबसे ज्यादा मुहूर्त इस बार जून में हैं। जून में सबसे ज्यादा विवाह के सात मुहूर्त हैं। खरीद फरोख्त एवं मांगलिक कार्यों के लिए सोमवती अमावस्या को काफी लाभदायक माना जाता है। इस दिन पुण्य कार्य भी करने चाहिए।

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