भरतपुर | राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बैंच ने जिला प्रशासन को सिटी फ्लड कंट्रोल ड्रेन की स्थिति 1955 के मुताबिक बहाल किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 4 हफ्ते का समय दिया है। याचिकाकर्ता एडवोकेट श्रीनाथ शर्मा ने बताया कि गुरुवार को न्यायाधीश मनीष भंडारी और दिनेश सोमानी की बैंच ने प्रदेश की कई वाटर बाडीज को लेकर सुनवाई की थी, जिसमें भरतपुर की सीएफसीडी का मामला भी शामिल था। प्रशासन की ओर से जिला कलेक्टर संदेश नायक और यूआईटी सचिव लक्ष्मीकांत बालोत ने न्यायालय को सीएफसीडी की वस्तुस्थिति से अवगत कराया। साथ ही अतिक्रमण होना स्वीकार किया। इसके अलावा प्रोजेक्ट के बारे में भी बताया। एडवोकेट शर्मा के अनुसार न्यायालय ने अब्दुल रहमान एवं स्वप्रसंज्ञान के संबंध में दिए गए आदेश के मुताबिक सीएफसीडी की स्थिति 1955 के अनुसार बहाल किए जाने के आदेश दिए। इसमें समय सीमा 4 सप्ताह दी गई है। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता गुरुचरन सिंह गिल ने तथा याचिका कर्ता की अोर से सारांश सैनी ने पैरवी की।
हाईकोर्ट ने चार हफ्ते का दिया समय