भरतपुर। जिला जाट महासभा की बैठक गुरुवार को गांव नगला बरताई में हुई, इसमें सर्वसमाज ने मिलकर मृत्यु भोज नहीं करने का फैसला लिया। पंचायत की अध्यक्षता मांगेला एवं निर्भय सिंह ने की। पंचायत में सरपंच सुरेशपाल सिंह एवं पूर्व सरपंच चैन सिंह ने संयुक्त रूप घोषणा की कि सुनारी ग्राम पंचायत के गांव जिनमें सुनारी, नगला बरताई, नगला भगत, नगला बरोला तथा बछामदी ग्राम पंचायत के नगला हींस एवं नगला कसौटा में आज से मृत्युभोज पूर्णतय बंद हो गए हैं। इस अवसर पर इतिहासकार रामवीर सिंह वर्मा ने मृत्युभोज को गिद्वभोज बताते हुए उसके सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मृत्युभोज परिवार और समाज को आर्थिक रूप से कमजोर करते हैं। प्रदेश महामंत्री राकेश फौजदार ने कहा कि सर्वसमाज द्वारा गांव गांव में पंचायत आयोजित कर लिए जा रहे फैसलों से ना केवल मृत्युभोज समाप्त होगा अन्य सामाजिक कुरीतियां को दूर करने का मार्ग प्रशस्त होगा। अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुंतल ने कहा कि जिले के दो दर्जन से ज्यादा गांवों में जाट महासभा की पहल पर पंचायतें आयोजित कर मृत्युभोज समाप्त करने का निर्णय लिया जा चुका है। इस अवसर पर गोविंद सिंह भगोर, हरभान सिंह महुआ, गोपाल सिंह हथैनी, उपसरपंच हरिओम, जगन सिंह, निर्मान सिंह आदि मौजूद थे।