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ओवर स्पीड से हर रोज हो रही एक मौत 6 साल से खराब पड़ी है इंटरसेप्टर वैन

3 वर्ष पहले
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जिले में ओवर स्पीड वाहनों की वजह से लगभग हर रोज एक मौत हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में जितने भी लोग घायल होते हैं, उनमें से 36 फीसदी लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं। इनमें ज्यादातर मामले ओवर स्पीड के ही होते हैं। अगर पूरे प्रदेश की बात करें तो इस मामले में भरतपुर तीसरे स्थान पर है। जबकि पहले स्थान पर नागौर और दूसरे स्थान पर जयपुर पूर्व है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस न तो शहर में सीट बैल्ट लागू करवा पा रही है और न ही दुपहिया वाहन चालकों के लिए हैलमेट। हालात यह हैं कि वाहनों की ओवर स्पीड चैक करने के लिए मिली एक इंटरसेप्टर वैन वर्ष 2012 से ही खराब पड़ी है। जबकि दूसरी वैन को ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) अपने लिए बतौर सरकारी वाहन उपयोग कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के लिए वाहनों के चालान केवल राजस्व कमाने का जरिया बन गए हैं। हालात यह हैं कि किसी भी चौराहे, बाजार अथवा जहां भी जाम की समस्या होती है, वहां कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर नहीं आता।

सूत्रों के मुताबिक ओवर स्पीड से दुर्घटनाएं रोकने के लिए भरतपुर जिले को वर्ष 2008 में पहली बार इंटरसेप्टर वैन मिली थी। यह कुछ साल तो ठीक चली, लेकिन वर्ष 2012 में खराब हो गई। तब से आज तक पुलिस ने इसे ठीक कराने की जरूरत ही नहीं समझी। बल्कि इसके कुछ पार्ट्स खोलकर कबाड़ में डाल दिए हैं। अब ये इंटरसेप्टर वैन केवल साधारण वाहन बन गई है। दूसरी को ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) अपने लिए बतौर सरकारी वाहन उपयोग कर रहे हैं।

हकीकत यह... एक इंटरसेप्टर वैन नाकाफी, एक साल में ओवर स्पीड से होने वाली दुर्घटनाओं से मरने वालों की संख्या में करीब 36 फीसदी तक का इजाफा, चाैराहों पर नहीं दिखते ट्रैफिक पुलिसकर्मी

जिले में बढ़ रहा है मौतों का आंकड़ा

महानिदेशालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक भरतपुर जिले में पिछले एक साल के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या 25 प्रतिशत और मृतकों की संख्या 35 प्रतिशत बढ़ी है। यानी ओवर स्पीड की वजह से होने वाली दुर्घटना में जीवित बचने की उम्मीद बहुत कम रहती है। आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी से 31 अक्टूबर 2017 तक नागौर में 52 प्रतिशत, जयपुर पूर्व में 49 प्रतिशत और भरतपुर जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 36 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। भरतपुर जिले में वर्ष 2016 में 514 और वर्ष 2017 में 550 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें वर्ष 2016 में 270 और वर्ष 2017 में 305 लोगों की मौत हुई, जो करीब 35 प्रतिशत बढ़ी हैं। वहीं घायलों की संख्या 375 से बढ़कर 400 हुई है, जो केवल 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

ओवर स्पीड से लगातार चार दिन में तीन घटनाएं

देर शाम आरओबी पर फिर आमने-सामने भिड़ीं बाइक, दो पुलिसकर्मी सहित तीन हुए घायल

भरतपुर। रेलवे स्टेशन के पास मथुरा रोड पर स्थित आरओबी पर शराब के नशे में चालकों की दो बाइकों की भिड़ंत में दो पुलिसकर्मी सहित 3 जने घायल हो गए। घटना बुधवार रात करीब 8 बजे की है। उद्योग नगर थाना के एएसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अदलपुर माटीगढ़ दार्जलिंग हाल आरपीएफ के कांस्टेबल अजय कुशवाह व अतरलाइन माटीगढ़ दार्जलिंग हाल आरपीएफ कांस्टेबल निवास मंडल पुत्र कार्तिक मंडल एक बाइक पर खेमकरण तिराहे की ओर से आ रहे थे, जबकि शहर की ओर से शास्त्री नगर निवासी जीतेंद्र पुत्र सत्यवीर सिंह से भिड़ गए।

केस-1

ठीक से जांच होती तो रुकती दुर्घटनाएं

इधर, ट्रैफिक पुलिस खुद यह मानती है कि अगर ओवर स्पीड वाहनों की ठीक से जांच होती तो दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों पर काफी हद तक अंकुश लगता। क्योंकि अभी एक ही इंटरसेप्टर वैन है जो नेशनल और स्टेट हाइवे पर वाहनों की स्पीड चैक करती है। इसी वैन की मदद से इस साल जनवरी में 278, फरवरी में 325, मार्च में 429 और अप्रैल में 421 वाहनों के ओवर स्पीड के चालान किए गए हैं। अगर दूसरी इंटरसेप्टर वैन ठीक होती तो यही कार्रवाई दोगुनी हो सकती थी। क्योंकि शहर में ओवर स्पीड वाहनों पर कार्रवाई हो ही नहीं पाती है।

120 की स्पीड में जायलो पलटी, दो की मौत

कामां क्षेत्र में 13 मई को दोपहर पहाड़ी रोड पर स्थित बिजलीघर के समीप बारातियों से भरी जाइलो कार का 120 की स्पीड में टायर फट गया। इससे दो बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल हो गए।

केस-2

हां, अगर दूसरी इंटरसेप्टर वैन होती तो रुकती दुर्घटनाएंः सिंह : इंटरसेप्टर वैन का कम्प्यूटर वर्ष 2012 से खराब है, जिसे ठीक कराने के प्रयास किए हैं। लेकिन ठीक नहीं होने के कारण इसे अब साधारण वैन के रूप में काम में लिया जा रहा है, जबकि दूसरी नई इंटरसैप्टर वैन जुलाई 2016 में आने के बाद से वाहनों की स्पीड पर नजर रखी जा रही है। ये बात सही है दूसरी इंटरसेप्टर वैन होती तो दुर्घटनाओं पर ज्यादा प्रभावी तरीके से अंकुश लग सकता था। -पूरन सिंह, टीआई

कार ने बाइक को टक्कर मारी

होमगार्ड के जवान की मौत

भरतपुर शहर के स्टेशन के पास मथुरा रोड के पुल पर 14 मई की रात शराब पीते हुए चालक ने ओवर स्पीड में कार से सामने से आई बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार होमगार्ड के चंदनसिंह की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। स्पीड इतनी तेज थी कि बाइक सवार की हड्डी टूटकर कार की खिड़की पर लटक गई और दोनों जने दूर जाकर गिरे।

केस-3

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