पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • लू तापघात से बचावत के लिए छायादार स्थान पर ही रहे, बाहर न निकले

लू-तापघात से बचावत के लिए छायादार स्थान पर ही रहे, बाहर न निकले

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भरतपुर। गर्मी के मद्देनजर जिले में बढ़ते लू व ताप घात के रोगियों की संख्या पर कलेक्टर संदेश नायक के निर्देश पर बुधवार को आपदा प्रबंधन एवं सहायता प्रकोष्ठ द्वारा बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। आपदा प्रबंधन एवं सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी ने बताया कि लू के लक्षणों में सिर का भारीपन व सिर दर्द, अधिक प्यास लगना, थकावट महसूस होना, जी मिचलाना, सिर चकराना, शरीर का तापमान बढ़ना, पसीना आना, मुंह लाल एवं त्वचा का खुश्क होना, अत्यधिक प्यास लगना तथा बेहोश होना आदि हैं। उन्होंने बचाव के उपायों में बताया कि गर्म हवा की स्थिति जानने के लिए रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की पूर्व जानकारी रखें। लू व तापघात से कुपोषित बच्चे, गर्भवती महिलाएं, श्रमिक एवं वृद्धजन रोजमर्रा के कार्य सुबह 10 बजे से पूर्व एवं सांय 6 बजे के बाद निस्तारित करें तथा सुबह 10 से सांय 6 बजे तक ठंडे एवं छायादार स्थान पर रहें। तेज धूप में निकलते समय ठंडे जल के साथ ताजा भोजन उचित मात्रा में सेवन करें साथ ही थोड़े अंतराल पर ठंडे पानी, शीतल पेय, छाछ, ताजा फलों का रस का सेवन करें। तेज धूप में सिर पर छाते एवं तौलिया का उपयोग एवं बदन को ढंककर रखें। लू से प्रभावित होने पर घरेलू उपचार के रूप में रोगी को तुरंत छायादार ठंडे स्थान पर लिटा दें, रोगी के कपड़ों को ढीला कर दें एवं उसकी त्वचा को गीले कपड़े से नम रखें। रोगी के होश में आने पर उसे ठंडे पेय पदार्थ देकर प्राथमिक उपचार करें तथा तत्काल नजदीकी चिकित्सालय में उपचार कराएं।

क्या न करें: उन्होंने बताया कि धूप एवं तापघात से बचाव के लिए धूप में खड़े वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़ें, गहरे रंग के भारी एवं तंग पोशाक न पहनें, खाना बनाते समय रसोईघर के दरवाजे एवं खिडकियां खुले रखें हवा का प्रवाह बने रहने से तापमान नियंत्रित रहे, गर्मी में नशीले मादक पदार्थ, शराब एवं अल्कोहल युक्त पदार्थों का सेवन न करें, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों एवं बासी भोजन के सेवन से बचें।

खबरें और भी हैं...