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निगम के बाबू पर नजूल संपत्ति की विक्रय विलेख पत्रावली गायब करने का आरोप

3 वर्ष पहले
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नगर निगम के बापू पर नजूल संपत्ति की विक्रय विलेख पत्रावली गायब करने का आरोप सामने आया है। बुध की हाट सिरकी पाड़ा, नाई मोहल्ला निवासी 95 वर्षीय गिर्राजी देवी शर्मा का आरोप है कि वह लंबे समय से जमीन नजूल संख्या 187 पर रियासतकाल से किराए पर रह रहीं है। जिसे खरीदने के लिए उसने नगर निगम में विक्रय विलेख पत्रावली संख्या 1042 वर्ष 1985 में नगर निगम को सौंपी। जमीन खरीदने के एवज में 3200 रुपए जरिए रसीद संख्या 33 पुस्तक संख्या 120 मई 1985 में नगर निगम में जमा किए। उन्होंने उस पत्रावली को नगर निगम के बाबू परमानंद सैनी पर जानबूझ कर गायब कर देने का आरोप लगाया है। जिला कलेक्टर सहित मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में बाबू पर तरह-तरह के गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने एवं प्रार्थी को न्याय दिलाते हुए बाबू के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई है।

बाबू ने स्वीकारा- नकल कार्रवाई के दौरान गुम हुई पत्रावली: इस संबंध में नगर निगम के बाबू परमानंद सैनी ने पत्रावली के गुम होने की बात स्वीकार की है। उसका कहना है कि प्रार्थी द्वारा मई 2017 में पत्रावली की नकल मांगी गई थी। जिस पर नकल देने के लिए पत्रावली चलाई गई। लेकिन वह गुम हो गई। पत्रावली को नगर निगम की सभी शाखाओं में पूरे एक महीने तक सर्च किया जा चुका है, लेकिन वह कहीं नहीं मिली है। उसकी प्रोसीडिंग तैयार कर निगम आयुक्त को भेजी जा रही है।

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