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अब एलएमवी लाइसेंस धारक भी चला सकेंगे टैक्सी वाहन

3 वर्ष पहले
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अब एलएमवी लाइसेंस धारक भी टैक्सी नंबर की गाड़ी चला सकेंगे। बशर्ते वह वाहन 7500 किलो तक वेट का होना चाहिए। इनमें कार, पिकअप, जीप, टाटा 407 समेत कई अन्य वाहन शामिल हैं। पहले इन वाहनों को चलाने के लिए कामर्शियल लाइसेंस ही अनिवार्य था। पूर्व में एलएमवी लाइसेंस के बाद लाइसेंस धारक को अलग से कामर्शियल लाइसेंस बनवाना पड़ता था। लेकिन अब नए नियमों के तहत एलएमवी लाइसेंस धारक टैक्सी नंबर की कार, जीप आदि चला सकेगा। बीमा कंपनियां के एतराज जताने पर यह बदलाव किया गया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी किए गए हैं। अपर परिवहन आयुक्त नियम आरसी यादव ने बताया कि लाइसेंस के संबंध में मोटर वाहन अधिनियम 1988 के सुसंगत प्रावधानों के तहत इसे परिवहन यान से भिन्न श्रेणी मानकर हल्का मोटर यान श्रेणी के अनुज्ञप्ति धारक को इसकी परिभाषा के अनुरूप यान चलाने के लिए योग्य माना गया है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों की पालना में कार्यवाही की जाएगी।

विभाग में एक दिन में बनते हैं 50 से 60 एलएमवी लाइसेंस

परिवहन विभाग में प्रतिदिन 50 से 60 लाइसेंस एलएमवी के बनाए जाते हैं, जो कि आन लाइन सिस्टम से बनाए जाते हैं। साथ ही एमसी लाइसेंस भी प्रतिदिन 10 से 15 तक बनाए जाते हैं। अब एलएमवी लाइसेंस धारक को अलग से कामर्शियल लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

तीन वर्ष में कितने एलएमवी लाइसेंस बने

वर्ष 2016 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक 31 हजार 708 एलएमवी लाइसेंस बनाए गए। जबकि वर्ष 2017 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक 16 हजार 7 एलएमवी लाइसेंस विभाग द्वारा जारी किए गए। वर्ष 2018 में 1 जनवरी से 2018 तक 6800 एलएमवी लाइसेंस विभाग ने जारी किए हुए हैं। कामर्शियल लाइसेंस के लिए एलएमवी लाइसेंस धारक को अलग से रसीद कटवाकर लाइसेंस बनवाना पड़ता था। लेकिन इससे अब एलएमवी लाइसेंस को राहत मिलेगी। विभाग में प्रतिदिन 4 से 5 कामर्शियल लाइसेंस बनाए जाते हैं। प्रतिमाह विभाग में 150 से 200 लाइसेंस कामर्शियल बनाए जाते हैं।

दिव्यांगों को नियमों में दी राहत: ट्रायल के लिए अशक्त यान नहीं लाना होगा साथ

अब दिव्यांग व्यक्ति को अब ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उसे ट्रॉयल के वक्त अशक्त यान साथ लाना भी जरूरी नहीं होगा। पहले परिवहन अधिकारी इसी वाहन पर ट्रॉयल लेकर लाइसेंस जारी करते थे। अब महकमे ने दिव्यांग को लाइसेंस देने के लिए नियमों में राहत दी हैं। विभाग में लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाला दिव्यांग अगर साधारण वाहन पर ट्रॉयल देकर टेस्ट पास करता है। तब भी उसे लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। पहले परिवहन अधिकारी इसी वाहन पर ट्रॉयल लेकर लाइसेंस जारी करते थे। अब महकमे ने दिव्यांग को लाइसेंस देने के लिए नियमों में राहत दी है। लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाला दिव्यांग अगर साधारण वाहन पर ट्रॉयल देकर टेस्ट पास करता है। तब भी उसे लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।

उच्चतम न्यायालय की ओर से 3 जुलाई 2017 को पारित आदेशों की पालन के तहत अब एलएमवी लाइसेंस धारक टैक्सी नंबर की गाड़ी चला सकेंगे। नियमों के तहत विभाग ने एलएमवी लाइसेंस धारक अब अपना कामर्शियल लाइसेंस बनवाने की अलग से जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग को अशक्त वाहन लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साधारण वाहन पर ट्रायल देकर उसे लाइसेंस होगा। ललित कुमार गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी प्रथम भरतपुर।

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