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स्टेशन की पार्किंग हुई बंद, पहले खड़े वाहनों को खाली करने में जुटा ठेकेदार

3 वर्ष पहले
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भरतपुर | रेलवे स्टेशन का पार्किंग ठेका शुक्रवार को बंद कर दिया। पार्किंग ठेकेदार ने इस संबंध में एक बोर्ड भी लगा दिया है। पार्किंग ठेकेदार पहले से खड़े वाहनों को खाली करने में जुटा है। इधर दूसरी ओर आस-पास लोगों ने निजी पार्किंग के अलावा देवस्थान विभाग की जमीन पर ही पार्किंग शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि भास्कर ने 15 मई के अंक में ‘रेलवे के अफसर ही चलवा रहे हैं स्टेशन पर गैर कानूनी पार्किंग ठेका’ तथा 16 मई को ‘रेलवे स्टेशन पर अब बंद होगा पार्किंग का ठेका’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थीं।

रेलवे स्टेशन पर पार्किंग का ठेका एक साल पूर्व ही खत्म हो गया था। परंतु लाइसेंस फीस जमा कराके ठेका चालू रहा। जीएसटी शुरू होने पर जब ठेकेदार ने जीएसटी नहीं दी तो रेलवे ने लाइसेंस फीस जमा करना भी जनवरी माह से बंद कर दिया। ऐसे में अवैध रूप से पार्किंग जारी रही। उसके बाद रेलवे ने पार्किंग ठेका के लिए ई-टेंडर भी किए, लेकिन कोई आवेदन नहीं आने से ठेका नहीं हो सका। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार देवेंद्र सिंह ने पार्किंग शर्त के अनुसार नई पार्किंग निविदा पूरी नहीं होने तक पार्किंग को छोड़कर नहीं जाने की वजह से खाली नहीं की। इसके लिए उसने रेलवे को कई पत्र लिखे कि किसी अन्य को चार्ज दिलाया जाए। परंतु जब अवैध पार्किग की खबर भास्कर में प्रकाशित हुई तो ठेकेदार ने शुक्रवार को नए वाहन पार्किंग में खड़े करने से मना कर दिया और पार्किंग बंद का बोर्ड लगा दिया। ठेकेदार देवेंद्र सिंह का कहना है कि पार्किंग में खड़े वाहनों के 2-4 दिन में जाने के बाद वह जगह खाली करके चला जाएगा। ऐसे में आय बंद हो गई है और पुराने वाहनों को देने के लिए स्टाफ लगाकर खर्चा करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि बीते लंबे समय से बिना रेलवे को पर्याप्त राशि चुकाए ही इस ठेके का संचालन किया जा रहा था। जब मामले का खुलासा हुआ इसके बाद रेलवे की ओर से कार्रवाई की गई है। अब नई व्यवस्था से उन लोगों के समक्ष संकट आ गया है कि जो कि रेलवे की पार्किंग में वाहन पार्क कर आगे का सफर रेल से तय किया करते थे। अब ऐसे लोगों को बहुत परेशानी होगी। कुछ लोग तो रिश्तेदारों के यहां वाहन पार्क करने लगे हैं।

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