करीब साल भर से खाली पड़ी रसद की 7 दुकानों के आवंटन के लिए सोमवार को साक्षात्कार हुए। किंतु केवल 5 दुकानों का ही निर्णय हो सका। एक दुकान के लिए एक आवेदन नहीं आने तथा एक दुकान के लिए केवल एक आवेदन होने के कारण निर्णय नहीं हो सका। वैसे नियमानुसार यह साक्षात्कार 8 महीने पहले हो जाने चाहिए थे। शहर की दुकानों के लिए जुलाई 2017 में आवेदन मांगे गए थे और एक अगस्त तक दुकानों का आवंटन हो जाना चाहिए था। किंतु उचित मूल्य दुकान आवंटन समिति सदस्यों के एक नाम पर सहमति नहीं बनने से आवंटन प्रक्रिया लेट हो गई।
उचित मूल्य दुकानों के आवंटन साक्षात्कार के कारण डीएसओ आफिस के गलियारे में दोपहर में काफी गहमागहमी रही। जिला रसद अधिकारी बीना महावर ने बताया कि सोमवार को वार्ड संख्या 9, 20, 21, 35, 45 व 46 ए तथा 46 बी के लिए साक्षात्कार आमंत्रित किए गए थे। इसमें 21 नंबर में एक ही आवेदन आने के कारण तथा 35 के लिए किसी द्वारा आवेदन नहीं किए जाने के कारण अभी भी रिक्त रह गई है। आवंटन समिति के निर्णयों के अनुसार फाइलें जिला कलेक्टर को भेजी जाएंगी, जहां से अप्रूवल मिलने के बाद लाइसेंस जारी किया जाएगा। जिसके बाद जिस व्यक्ति के नाम लाइसेंस जारी होगा। वह उचित मूल्य की दुकान खोल सकेगा। बैठक में उचित मूल्य दुकान आवंटन समिति के सदस्य मेयर शिवसिंह भोंट, डॉ. सुधा सिंह, राजकुमार गुड्डू, कपिल फौजदार सहित डीएसओ बीना महावर शामिल हुईं।
भरतपुर । रसद विभाग कार्यालय में उचित मूल्य कि दुकानों के लिये आवेदकों की भीड ।
अपने ही वार्ड में मिलेगा राशन
रसद विभाग द्वारा रिक्त दुकानों के लोगों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आसपास की दुकानों से अटैच कर दिया जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को दूर दराज जाकर राशन सामग्री ले जाने के लिए जाना पड़ता है। दुकानदार की नियुक्ति के बाद स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र से राशन मिल सकेगा। संभावना है कि साक्षात्कार के बाद करीब एक सप्ताह में जिला कलेक्टर की अप्रूवल मिल जाएगी और जून के उपभोक्ता सप्ताह में नई दुकानों पर भी राशन वितरण होगा।