तापमान तक सही नहीं बता पा रहे डीपीएस मौसम केंद्र के कर्मचारी
सेवर स्थित देहली पब्लिक स्कूल में शहर और आसपास के मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए लाखों रुपए खर्च करके केंद्र सरकार के सहयोग से तमाम महंगे उपकरण लगाए गए। लेकिन, दो कर्मचारियों की तैनाती और उन्हें ट्रेनिंग देने के बावजूद मौसम संबंधी सही डाटा नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि इस काम के लिए वहां तैनात दो कर्मचारी तापमान तक सही नहीं बता पा रहे हैं। मौसम विभाग के जयपुर केंद्र को भी सही डाटा नहीं मिल पा रहा है। इसलिए वहां भी सटीक भविष्यवाणी नहीं हो पा रही है।
सेवर वैधशाला में ऑब्जरवेशन के लिए नियुक्त दोनों कर्मचारियों से जब शनिवार शाम तापमान की जानकारी ली गई तो दोनों ने अलग-अलग सूचना दी। कर्मचारी संजीव कुमार सैनी ने अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम 20 डिग्री बताया। जबकि, दूसरे कर्मचारी विनोद शर्मा ने अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस बताया। इन दोनों कर्मचारियों का कहना है कि न तो उन्हें ऑब्जरवेशन के संबंध में पर्याप्त ट्रेनिंग दी गई है और न ही उन्हें इस काम के लिए अब तक कोई अतिरिक्त पैसा मिला है।
इधर, मौसम विभाग जयपुर के कंट्रोल रूम पर भरतपुर के मौसम की जानकारी चाही गई तो पता चला कि भरतपुर से शनिवार को कोई डाटा नहीं भेजा गया है। वहां नियुक्त कर्मचारियों ने उनके फोन भी रिसीव नहीं किए। इसलिए भरतपुर का तापमान बता पाना मुश्किल है।
इस संबंध में डीपीएस प्राचार्य जे.के. शर्मा का कहना है कि दोनों कर्मचारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। रविवार से वे मौसम संबंधी सटीक डाटा नियमित रूप से देंगे। यह डाटा मौसम विभाग के जयपुर केंद्र को भी भिजवाया जाएगा।
सटीक सूचना के लिए लगाए महंगे उपकरण, फिर भी डाटा गलत
डीपीएस के साथ हो रखा है एमओयू
मौसम विभाग और डीपीएस के बीच हुए एमओयू में यह तय है कि यहां दो कर्मचारी ऑब्जरवेशन का कार्य देखेंगे। जो रोजाना सुबह 8.30 बजे तक और शाम 5.30 बजे तक एमएमआर रिपोर्ट में डाटा भेजेंगे। इसके एवज में उन्हें मौसम भत्ता दिया जाएगा। जिसके तहत सुबह की रिपोर्ट भेजने वाले कर्मचारी को 1250 रुपए प्रतिमाह और शाम की रिपोर्ट भेजने वाले कर्मचारी को 1000 रुपए प्रतिमाह भत्ता दिया जाएगा। लेकिन, अभी तक एक बार भी एमएमआर रिपोर्ट जयपुर केंद्र को नहीं भेजी गई है।