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समाज में वर्ग संघर्ष पैदा कर रही है सरकार: कांग्रेस महापुरुष किसी जाति या वर्ग के नहीं होते: भाजपा

3 वर्ष पहले
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निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर राजनीतिक दलों ने कार्यक्रम तो किए, लेकिन वोट की राजनीति के नजरिए से। गत 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा और इसके विरोध में 10 अप्रैल के बंद की वजह से पहले ही सामाजिक समरसता में दरार जैसा माहौल बना हुआ है। आरोप-प्रत्यारोपों की वजह से महापुरुषों के कार्यक्रम भी विवादित से नजर आए।

संविधान गौरव सम्मेलन में प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि कोई भी महापुरुष किसी एक जाति का नहीं होता, बल्कि उनका कार्य-व्यवहार संपूर्ण जाति के भलाई के लिए होता है। इसी विचारधारा के थे बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर। उन्होंने कहा कि भाजपा बाबा साहब के बताए रास्ते पर ही चल रही है। कांग्रेस ने उन्हें वह सम्मान कभी नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। वे इस सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

इस मौके पर प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह, महामंत्री गिरधारी गुप्ता, शिवराज सिंह, भगवानदास शर्मा ने डा. अम्बेडकर को युग पुरुष बताया। कार्यक्रम में डा. दयाचन्द निमेष, आरएएस धर्मसिंह, बाक्सर पूजा पहाड़िया, छात्रा श्वेता सागर और वीरांगना रामकली देवी का सम्मान किया गया। बाद में अतिथियों ने दलित कार्यकर्ता शिवानी दायमा के घर भोजन किया। इस मौके पर विधायक बच्चूसिंह बंशीवाल, डॉ. जितेंद्रसिंह, मोहन रारह, मूलचंद, जवाहर सिंह बेढम, डा. शैलेष सिंह, नरेन्द्र सिंह, बाल गोविंद मावई , अनिल लोहिया आदि मौजूद थे।

भरतपुर. दलित परिवार के यहां भोजन करते भाजपा पदाधिकारी।

कांग्रेस ने भाईचारे और सद्भाव की राजनीति की है: सूपा
कांग्रेस ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद संगोष्ठी भी की। जिलाध्यक्ष शेर सिंह सूपा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अजा वर्ग के उत्थान, भाईचारा और सद्भाव की राजनीति की है। देश की एकता और अखंडता के लिए काम किया है। लेकिन, मोदी और वसुंधरा सरकार वर्ग संघर्ष की स्थिति पैदा कर रही है। इस मौके पर राजकुमार पप्पा, डॉ. अरविंद वर्मा, सुबोध चंसोरिया, लक्ष्मण कैन आदि ने 2 अप्रैल के आंदोलन की चर्चा करते हुए कांग्रेस द्वारा साथ नहीं देने का आरोप लगाया। इस पर जिलाध्यक्ष सूपा ने प्रशासन से 2 अप्रैल की घटना में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। इस मौके पर पूर्व सांसद रतनसिंह, गिरीश चौधरी, साहबसिंह, संजय शुक्ला, धर्मेंद्र शर्मा, डा. सुभाष गर्ग, शांता पाराशर, सुराज फौजदार, चुन्नी कप्तान, रमेश पाठक, श्री भगवान कटारा, विभुति राम अंबेश, यदुनाथ दारापुरिया, रामेश्वर सैनी, हेमेन्द्र चीकू, दिगंबर बीकरवाल, प्रताप जाटव, दाऊदयाल, सौरभ धाऊ, चुन्नी कप्तान आदि मौजूद थे।

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