रोटी देने गए बुजुर्ग को गाय ने पटका कूल्हा टूटने से अस्पताल में भर्ती
दिन हो या रात शहर में गोवंश का आतंक जारी है। मंगलवार को भी गोवंश के हमले में एक बुजुर्ग बुरी तरह घायल हो गया। घटना पॉश कालोनी सेक्टर नंबर तीन की है। डकैती कोर्ट में रीडर अशोक गुप्ता के पिता मदनदास उम्र 60 साल मंगलवार को दोपहर गाय को रोटी खिला रहे थे, तभी गाय ने हमला कर पटक दिया, जिससे उनका कूल्हा टूट गया है। उनकी हालत गंभीर है और निजी अस्पताल में भर्ती हैं। घायल मदनदास को दो यूनिट रक्त चढ़ाया जा चुका है। एक हफ्ते में गोवंश से हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है। वरना, गोवंश की टक्कर के रोजाना 10-12 केस सामने आते ही रहते हैं। इधर, गोवंश को शहर के बाहर करने की योजना फिर ठंडे बस्ते में चली गई है। क्योंकि गौशाला गोवंश लेने को तैयार नहीं है और प्रशासन गुर्जर आंदोलन में सिमट गया है। ऐसे में शहर वासियों को ही गोवंश से सावधानी बरतनी होगी। नगर निगम से उम्मीद करना ठीक नहीं है।
जुगल को 4 लाख ही मिलेंगे, 15.50 लाख के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं
सांडों के हमले में मारे गए पांच वर्षीय कुणाल के पिता को नगर निगम द्वारा फिलहाल 4 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। यह राशि आपदा स्थिति में देने का प्रावधान है। राशि बुधवार को दी जाएगी। शेष 15.50 लाख का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। क्योंकि डीएलबी ने अभी इसे मंजूरी नहीं दी है। इस संबंध में मेयर शिवसिंह भोंट जयपुर हो आए हैं, किंतु डीएलबी के डायरेक्टर पवन आरोड़ा ने फाइल को मंजूर नहीं किया है। मेयर ने बताया कि इस संबंध में डीएलबी क्या निर्णय लेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। हमारी कोशिश सीएम के जरिए प्रस्ताव को मंजूर कराने की रहेगी। इधर, जानकारों को कहना है कि निगम द्वारा 20 लाख रुपए की सहायता को प्रस्ताव असंवैधानिक है और इस तरह की परंपरा नहीं है। इस संबंध में दैनिक भास्कर ने 11 मई के अंक में मेयर ने बोर्ड मीटिंग में पास कराया 20 लाख की सहायता का प्रस्ताव, ऐसा नियम हीं नहीं खबर प्रकाशित की थी। जिसमें कहा था कि 4 लाख रुपए आपदा सहायता के ही मिलेंगे, शेष राशि प्रस्ताव अटक जाएगा। जानकारों का कहना कि डीएलबी डायरेक्टर पवन अरोड़ा ने फाइल को अपने पास रख लिया है। गौरतलब है कि इससे पहले नगर निगम महापौर एक दिन पहले की कुणाल के घर गए थे, साथ ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी कि अब 20 लाख रुपए नहीं मिल पाएंगे। उनसे जो बन पड़ा वह उन्होंने किया है।