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इस बार गर्मी में शुरू होंगे रोजे, इबादत में गुजरेगा पाक महीना

3 वर्ष पहले
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तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। गर्म हवा का जोर है। इस स्थित में खाली पेट घर से निकलना, पानी के बिना थोड़ी देर भी रहना मुश्किल है लेकिन भूखे रहकर गरीब की भूख को समझने का रमजान का पाक महीना इस बार सबसे गर्म दिनों में आ रहा है। एक तो गर्मी, फिर रोजा भी लंबा होगा।

इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक 16 मई को चांद दिखा तो रोजे 17 मई से शुरू हो जाएंगे। गर्मी के ये रमजान अकीदतमंदों की परीक्षा लेंगे। रमजान 17 से शुरू होते है तो पहला रोजा ही 15 घंटे का रहेगा। दिन बढ़ने के साथ सहरी से इफ्तार के बीच का समय भी बढ़ेगा। तेज गर्मी के दौरान रोजे आने का यह संयोग 36 साल बाद बन रहा है। 1982 में मई में पूरा रमजान बीता था। इस मुबारक महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग 30 दिन तक रोजे रखते हैं और इबादत करते हैं। गर्मी के बावजूद अकीदतमंदों को रमजान का इंतजार है। मथुरा गेट मस्जिद के मौलाना अब्दुल सलाम के मुताबिक अभी शाबान का महीना चल रहा है। इसके खत्म होने के बाद रमजान माह शुरू होगा। चांद नजर आने के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। अगले दिन रोजा रखा जाएगा।

यह संयोग 36 साल बाद बन रहा है, चांद दिखा तो 16 से या 17 से शुरू होगा रमजान का पवित्र महीना

नेकी के रास्ते पर चलने की सीख

मौलाना अब्दुल सलाम ने बताया कि महीना गुनाहों से बचने और भलाई के रास्ते पर चलने की सीख देता है। हर मुसलमान को पूरे माह के रोजे फर्ज हैं। रोजे के मायने केवल भूखे प्यासे रहना नहीं है। बल्कि खुद को हर उस बात से रोकना है, जिससे किसी को तकलीफ पहुंचे। उलेमा बताते हैं कि जुबान से किसी की बुराई या ऐसी बात न बोले जो किसी को बुरी लगे। हाथों से ऐसे काम न करे जो किसी को तकलीफ पहुंचाए। उन जगहों पर न जाए जहां गुनाह हो रहे हों। रोजे में अगर इन बातों की पाबंदी नहीं की तो भूखे प्यासे रहना का कोई मतलब नहीं होगा।

10 दिन पीछे हो जाता है रमजान का महीना

इस्लामी या अरबी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित है। इसमें अंग्रेजी कैलेंडर की तुलना में हर साल 10 या 11 दिन कम हो जाते हैं और हर महीना 10 दिन पीछे हो जाता है। पिछले साल 27 मई को रमजान का महीना शुरू हुआ था। इस बार 17 या 18 मई से शुरू होगा। अल्लाह की इबादत में गुजरेगा पाक महीना,16 को दिखा चांद तो 17 से शुरू होगा पहला रमजान, एक माह तक रखेंगे रोजे

जो सीखा है जीवन में उतारें

रमजान माह एक प्रशिक्षण का माह होता है। यह इंसान को निखारता है। यह माह इस बात का प्रशिक्षण देता है कि इंसान अपने हाथों से किसी का बुरा न करे। पैर कभी किसी का बुरा करने के लिए आगे नहीं बढ़ें। कान से बुरा नहीं सुनें। आंख बुरा नहीं देखे। किसी पर किसी भी प्रकार से जुर्म व ज्यादती न करे। यह खास माह बताता है कि प्रशिक्षण में जो सीखा है उसे जीवन में उतारें। यह माह संयम और अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की, लोगों के दुख दर्द को समझाने की, नेकी व ईमान की राह पर चलने व जीवन को संवारने की सीख देता है।

चांद दिखने पर निर्भर: मथुरा गेट स्थित श्मशेर बहादुर मस्जिद के मौलाना अब्दुल सलाम ने बताया कि चांद 16 मई को नजर आ गया तो रमजान 17 मई से शुरू होंगे, चांद नजर नहीं आने पर 18 मई से पहला रमजान शुरू होगा।

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