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132 केवी जीएसएस में फिर आई खराबी 4 घंटे ठप रही शहर की बिजली आपूर्ति

3 वर्ष पहले
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डिस्कॉम के 132 केवी जीएसएस में खराबी आने से सोमवार को आधे शहर की बिजली आपूर्ति 4 घंटे तक ठप रही। इस दौरान 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली बंद रहने से करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब 1.30 बजे यकायक 132 केवी जीएसएस में आई खराबी के चलते 33/11 केवी रेड क्रॉस सर्किल जीएसएस, मुखर्जी नगर जीएसएस, चौबुर्जा जीएसएस, हीरादास जीएसएस, जनाना जीएसएस, चंबल जीएसएस एवं ओल्ड रीको जीएसएस की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

यहां स्थापित करीब 35 फीडरों से जुड़े 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। जो पूरे 4 घंटे बाद शाम 5.30 बजे सुचारू हो सकी। तब कहीं लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली आपूर्ति ठप रहने से जहां आमजन को तेज गर्मी से जूझना पड़ा, वहीं बिजली यंत्रों पर आधारित कारोबार प्रभावित रहने के चलते व्यापारी और दुकानदार परेशान नजर आए। इस संबंध में बीईएसएल के अधिकारी जयंत राय ने बताया कि 132 केवी से शहर को बिजली नहीं मिलने के कारण बिजली आपूर्ति 4 घंटे प्रभावित रही।

जिलेभर में बिजली की कमी से प्रभावित हो रहे उद्योग-धंधे

कुम्हेर गेट श्मशान घाट के पास सड़क पर भरा पानी।

40 मिनट अंधेरे में रहा पूरा जिला

सोमवार शाम जैसे ही मौसम ने करवट बदली डिस्कॉम और बीईएसल ने एहतियात के तौर पर जिला के ग्रामीण क्षेत्र एवं शहर की बिजली ठप कर दिया। रात्रि 8.25 बजे ठप हुई बिजली आपूर्ति को 9.05 बजे मौसम के ठीक होने के बाद ही सुचारू किया गया।

500 से अधिक गावों में अभी भी बिजली संकट

भरतपुर। जिले में 11 अप्रैल को आए तूफान से प्रभावित बिजली तंत्र को पूरी तरह दुरुस्त होने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। बिजली तंत्र में आई खराबी के चलते जिले के 500 से अधिक गावों को पिछले 5 दिनों से सिर्फ आंशिक रूप से बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। डीग क्षेत्र में 132 केवी लाइन के क्षतिग्रस्त टावरों की पे मरम्मत कर दी गई है। अभी लाइन बिछाकर चालू करने में अभी दो दिन का समय और लग सकता है। इसके बाद ही डीग, कामां, पहाड़ी, जुरहरा उपखंडों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो सकेगी। अभी तक यहां 2 से 4 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। डिस्कॉम के एसई दीपक गुप्ता ने बताया तूफान से प्रभावित बिजली तंत्र को सुधारने में डिस्कॉम की टीमें रात-दिन लगी हुई हैं। 500 से अधिक बिजली खंभा खड़े किए जा चुके हैं। लाइनें बिछाई जा रही हैं, ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इधर शहर में भी बिजली तंत्र को तूफान का बड़ा झटका लगा है। खासतौर पर एलटी लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा था। अब तक बीईएसएल की ओर तूफान में टूटे 70 पोल बदले जा चुके हैं। वहीं करीब 20 क्षतिग्रस्त पोल और बदले जाएंगे। बीईएसएल के अधिकारी जयंत राय ने बताया उनकी टीमें व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी हैं। संपूर्ण तंत्र को सुधारने में दो सप्ताह और लग सकते हैं।

फिर 38 डिग्री तक पहुंचा पारा

सोमवार को अधिकतम तापमान फिर 38 डिग्री पर पहुंच गया। रविवार से 2 डिग्री अधिक आंका गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 4.7 डिग्री बढ़कर साेमवार को 25.5 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि हवा की गति 3 किलोमीटर प्रतिघंटा ही रहीं, आर्द्रता 64 प्रतिशत रही।

पांच दिन बाद बिगड़े मौसम ने फिर बढ़ाईं किसानों की चिंता

20 तक यूं ही रहेगा मौसम : वैज्ञानिक

जिले में फिर 5 दिन बाद सोमवार शाम 8.15 बजे बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली कड़की और हल्की बारिश हुई। मौसम को बिगड़ता देख न केवल किसान, डिस्कॉम एवं बीईएसएल अधिकारियों सहित आमजन के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। गनीमत यह रही कि मौसम के बदलाव का नजारा महज आधा घंटे में ही थम गया। इससे 5 दिन पूर्व 11 अप्रैल को आए तेज अंधड़ और 6 अप्रैल को आई तेज बारिश से हुई तबाही से लोग अपने आप को संभाल नहीं पाए हैं। वहीं किसान की बारिश से भीगी फसल अभी तक पूरी तरह सूख नहीं पाई है। इधर सोमवार को मौसम के करवट बदलने से लोगाें में बेचैनी से होने लगी है। मौसम के पलटते हीं शहर सहित कस्बाई क्षेत्र के बाजारों में भगदड़ सी मच गई और दुकानदार अपनी दुकानों को बंद कर घरों को चले गए। जिससे कुछ पल में ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। लेकिन वहीं मौसम विज्ञानियों ने आशंका जताई है कि 20 अप्रैल तक मौसम इसी तरह हल्की बूंदाबांदी वाला रहेगा। बादल भी गर्जना करेंगे और बिजली भी चमकेगी।

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