भाटापारा| भाटापारा को जिला बनाने के मुद्दे पर सरकार न देख रही है, न सुन रही है और न ही बोल रही है। जिले के मुद्दे पर सरकार अंधी, गूंगी और बहरी हो गई है। सरकार का यदि यही रवैया रहा और भाटापारा को जिला घोषित नहीं किया गया तो आने वाले चुनाव में यहां की जनता सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। उक्त बातें जिला निर्माण संघर्ष समिति के तत्वावधान में शहर थाने के सामने आयोजित एक दिवसीय धरने पर बैठे वक्ताओं ने कही।
सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चिलचिलाती धूप के बावजूद नगर के अधिवक्ता, व्यवसायी, पत्रकार, साहित्यकार और समाजसेवी धरने पर बैठे रहे। धरने के बाद पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरने को बलदेव भारती, नंदकिशोर शर्मा, अधिवक्ता जीडी मानिकपुरी, बी माधव राव, मोहनलाल केशरवानी, सुशील शर्मा, राजकुमार शर्मा, चंद्रकांत यदु, सचिंद्र शर्मा, विनोद जैन, नवीन टाटिया, संतोष अग्रवाल, शंकर सोनी, राजकुमार मल, राजेश शर्मा, विनोद शर्मा ने संबोधित किया। वहीं सिमगा से आओ सुनील माहेश्वरी ने कहा कि भाटापारा जिला बनने से सिमगावासियों को पूरा लाभ मिलेगा। इस दौरान धरना स्थल पर सिमगा क्षेत्र के भी लोग संघर्ष समिति के साथ रहे। धरने में गुलजार सिंह ठाकुर, अमरीक चंद राजपाल, सुरेश वाधवानी, संतोष लालवानी, राजू केशरवानी, जगदीश लालवानी, जहीर बांठिया, अशोक तिवाड़ी, संजय श्रीवास, शमी अहमद, बृजलाल धृतलहरे, पंकज राजपूत, सहदेव साहू, रामेश्वर यदु,पवन परयानी, तोमश वर्मा सहित लोग उपस्थित थे। संचालन अजय अमृतांशु और आभार प्रदर्शन विनोद शर्मा ने किया।
भाटापारा. जिला निर्माण की मांग को लेकर धरना देते हुए जिला निर्माण संघर्ष समिति के सदस्य।
जिला बनाने के नाम पर तीन बार छला गया, अब बर्दाश्त नहीं
जिले के नाम पर लगातार 3 बार जनता को छला गया है। अब चौथी बार छले जाने का इंतजार क्षेत्र की जनता नहीं करेगी। क्षेत्र की जनता भाटापारा का स्थायी विकास चाहती है और यह तभी संभव होगा, जब भाटापारा को स्वतंत्र जिला का दर्जा मिलेगा। 28 साल पुरानी स्वतंत्र जिले की मांग पूरी नहीं होने पर क्षेत्र की जनता में आक्रोश है।