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राजस्व लोक अदालत: ग्राम पंचायत से दिलाए जाएंगे डूब क्षेत्र के पट्‌टे

3 वर्ष पहले
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राजस्व लोक अदालत शिविर भवानीमंडी उपखंड के गागरीन बांध की डूब में आए दो गांवों के 4़़12 परिवारों के लिए राहत दिलाने वाला साबित हुआ है। इन परिवारों को पहले सिंचाई विभाग ने भूखंड के पट्टे दे दिए थे, लेकिन सिंचाई विभाग के नाम कोई जमीन नहीं होने से इनका तहसील में रजिस्ट्रेशन नहीं होने से आगे इन पर गृह स्वामियों को लोन आदि नहीं मिल पा रहा था।

अब शिविर में इन पट्टों को केंसिल कर संबंधित भूमि को ग्राम पंचायत आवर के नाम दर्ज कर ग्राम पंचायत आवर से इनको पट्‌टे दिलाए गए। पंचायत ने इन्हें बनाकर संबंधित ग्रामीणों में वितरण शुरू करवा दिया है। एसडीएम राकेश मीणा ने शुक्रवार को बताया कि एक अन्य बांध राजगढ़ में भी यही स्थिति बन रही थी। उसमें राजगढ सिंचाई खंड को पत्र लिखकर वहां के डूब प्रभावितों के पट्टें अब संबंधित ग्राम पंचायत के मार्फत ही दिलाने की कह दिया है। दरअसल, गागरीन बांध बनते समय इसकी डूब में आए मरूखेड़ी और खेड़ा गांव के करीब 412 परिवारों को नई बस्ती में बसाया गया। इनको 30 गुणित 60 फीट के भूखंड दिए गए। इनका पट्टा सिंचाई विभाग ने जारी कर दिया। लोगोें ने वहां पर अपने मकान भी बना लिए, लेकिन जब इनकोे इन मकानों पर ऋण की जरूरत पड़ी तो बैंक ने इन्हें यह कहते हुए अस्वीकार दिया कि इनका तहसील से पंजीयन नहीं हो सका है। तहसील कार्यालय ने इन भूखंड के पट्‌टे का पंजीयन करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि सिंचाई विभाग भू स्वामी नहीं होने से इनके जारी किए पट्टोें का पंजीयन नहीं हो सकता है। तब से ही यह मामला लटका हुआ था। पूर्व सरपंच विमल जैन, सरपंच सुशीला खटकी आदि ने इस मामले को कलेक्टर के सामने भी रखा।

शिविर में बताई समस्या

आवर गांव में राजस्व लोक अदालत शिविर लगाया गया। इसमें ग्रामीणों ने एसडीएम मीणा के सामने इन पट्टों की समस्या रखी। उन्होंने सिंचाई विभाग के पट्टें निरस्त कर, संबंधित जमीन को ग्राम पंचायत के नाम कर, उससे इन ग्रामीणों के नए पट्टें जारी करने की कह दिया। सिलेहगढ़ पंचायत सचिव कैलाशचंद खटीक ने बताया कि सब पट्टों की तीन-तीन काॅपी बनाई गई है। इन पट्टों का ग्रामीणों में निशुल्क वितरण शुरू कर दिया है। अब तहसीलदार को पत्र लिखकर इनके पंजीयन की कहेंगे।

राजस्व शिविर में मामला आने पर सिंचाई विभाग के पुराने पट्‌टे निरस्त कर, ग्राम पंचायत से निशुल्क नए पट्टें दिलवा दिए -राकेश मीणा, एसडीएम, भवानीमंडी

अन्य पंचायतों के जैसे तहसील से पट्टें जो भी निर्धारित शुल्क लगकर पट्टें रजिस्टर्ड होते है, वैसे ही इन गागरिन वालों के भी रजिस्टर्ड होंगे। एक तरह से यह निशुल्क होंगे। मदनमोहन गुप्ता, तहसीलदार, पचपहाड़

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