पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • चरित्र शंका में गर्भवती पत्नी व बेटे की हत्या के आरोपी पति को दोहरा आजीवन कारावास

चरित्र शंका में गर्भवती पत्नी व बेटे की हत्या के आरोपी पति को दोहरा आजीवन कारावास

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
झिरन्या तहसील के उदयपुर में दोहरा हत्याकांड में अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के साढ़े तीन माह में सुनाया फैसला

भास्कर संवाददाता | भीकनगांव

चरित्र शंका में प|ी व एक साल के इकलौते बेटे की हत्या के आरोपी को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटनाक्रम को जघन्य व सनसनीखेज मानते हुए यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भीकनगांव अतुल सक्सेना ने मंगलवार को सुनाया। घटना चेनपुर थाने के उदयपुर गांव में 9 दिसंबर 2017 को हुई थी। अभियोग पत्र सत्र न्यायालय को अंतरित होने के साढ़े तीन माह में मामले का निराकरण किया गया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक खरगोन राजकुमार अत्रे ने बताया 9 दिसंबर 17 की शाम 4 बजे उदयपुर (झिरन्या) में जुवानसिंह पिता गाेवर्धन ने प|ी देवकीबाई (30) व बेटे राजकुमार (1) की हत्या कर दी थी। जुवानसिंह अपनी प|ी के चरित्र पर शंका करता था। राजकुमार को अपनी संतान भी नहीं मानता था। घटना से दो दिन पहले जुवानसिंह शिवना से मजदूरी कर परिवार सहित गांव उदयपुर के परदास फाल्या लौटा था। यहां आने के बाद लगातार प|ी से झगड़ा कर रहा था। 9 दिसंबर को भी प|ी से मारपीट की। बीचबचाव करने आए माता-पिता को भी पीटा। जुवानसिंह ने प|ी देवकीबाई व बेटे राजकुमार की गला दबाकर हत्या कर दी। उस समय प|ी को 24 सप्ताह का गर्भ था। इसके बाद 6 साल की बेटी को ले जाने का प्रयास किया लेकिन वहां लोगों को देखकर वह उसे छोड़कर भाग लिया।

आरोपी की मां ने दर्ज कराई थी शिकायत

घटना की रिपोर्ट जुवानसिंह की मां ने दर्ज कराई। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी हुई थी। मां रोली बाई, पिता गोवर्धन, भाई व मामा परदास व दूरसिंग ने घटना की पुष्टि की। अन्य साक्षियों ने भी न्यायालय के समक्ष साक्ष्य से पुष्टि दी। यह अपराध दो मर्डर का माना गया। न्यायालय ने जुवानसिंह पिता गोवर्धन को गर्भवती प|ी व अबोध बेटे की हत्या का दोषी पाते हुए दोहरे आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

दादा-दादी पर चार बेटियों की जिम्मेदारी

जुवानसिंह व देवकीबाई की चार बेटियां है। देवकीबाई की मौत व जुवानसिंह को सजा होने के बाद इनकी जिम्मेदारी बुजुर्ग दादा-दादी पर आ गई है।

खबरें और भी हैं...