11 साल बाद बना महासंयोग, दिनभर पूजा और दान का रहेगा विशेष महत्व
अक्षय तृतीया का पर्व आज मनाया जाएगा। यह अबूझ व स्वयं सिद्ध मुहूर्त है, जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिर स्थाई एवं शुभ माना जाता है। अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय न हो। यह तिथि भगवान परशुराम जयंती के कारण परशुराम तिथि और चिरंजीवी तिथि भी कहलाती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त बुधवार को सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 12.20 बजे तक रहेगा। अक्षय तृतीया मंगलवार की रात्रि 3.45 पर आरंभ होकर बुधवार की रात 1.45 तक रहेगी। इस दिन सूर्य मेष की उच्च राशि में, चंद्र वृष में, कृतिका नक्षत्र और आयुष्मान योग व सर्वार्थ सिद्धि योग एकसाथ पड़ रहा। यह महासंयोग 11 साल बाद बन रहा है। इस दिन किए गए दान और शुभ कार्य विशेष फलदायी होंगे।
पर्व के लिए बाजार में मिट्टी के गुड्डे-गुड़िया की बिक्री खूब हुई।
सुख, सौभाग्य देने वाली तिथि: पं. उमेश जानी ने बताया कि इस तिथि काल में किए गए शुभ कार्यों का तीर्थ, स्नान, दान, जप तप, देव पितृ तर्पण शुभ कर्मों के बराबर फल होता है। इसकी गणना युगादि तिथियों में की जाती है, क्योंकित्रेतायुग का शुभारंभ इसी तिथि से हुआ था।
बच्चे गुड्डे-गुड़ियों का रचाएंगे ब्याह: शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में अक्ती पर्व पर बच्चे गुड्डे-गुड़ियों का ब्याह रचाएंगे। अंडा क्षेत्र के ग्राम निकुम में जागृत मंडल परिवार पुरानी बस्ती द्वारा भगवान कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह होगा। माता शीतला मंदिर प्रांगण से बारात निकाली जाएगी।
सर्व ब्राह्मण समाज सेक्टर-6 में भगवान परशुराम का प्रकटोत्सव आज मनाएगा
भिलाई|छत्तीसगढ़ सर्व ब्राह्मण समाज की अगुवाई में भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सभी प्रांतों के विप्रजन एकजुट होंगे। सुबह जगन्नाथ मन्दिर सेक्टर-6 में भगवान की पूजा-अर्चना होगी। 11 बजे से सेक्टर-6 पेट्रोल पम्प के पास ही प्रसाद वितरण किया जाएगा। समाज के जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष राकेश शुक्ला, शारदा चरण पांडेय, नरेश चौरे ने सभी समाज के लोगों का प्रसाद पाने का आह्वान किया है। परशुराम अवतरण दिवस को भव्यता प्रदान करने सभी ब्राह्मण समाज एक होकर, छत्तीसगढ़ सर्व ब्राह्मण समाज के बैनर तले कार्यक्रम करवा रहे। सर्व ब्राह्मण समाज शामिल हैं।