छात्राओं को ग्रामर, कंप्यूटर, लाइब्रेरी और कोर्स के साथ बताए सेल्फ डिफेंस के तरीके
श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी में शैक्षणिक भ्रमण के लिए आए केंद्रीय विद्यालय दुर्ग के विद्यार्थियों को पहले अंग्रेजी ग्रामर की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्हें लाइब्रेरी साइंस, कंप्यूटर साइंस और अनसॉल्व्ड पेपर्स के साथ पढ़ाई से संबंधित चीजों की जानकारी दी गई। इसके अलावा छात्राओं को एक छोटी कहानी सुनाकर गुड टच और बैड टच के बारे में बताया गया। ऐसी चीजों से खुद को बचाने के तरीके भी बताए।
इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके भविष्य की उच्च शिक्षा के विभिन्न आयामों की जानकारी देना था। इसमें अंग्रेजी भाषा और हिंदी भाषा का उपयोग, विज्ञान और तकनीक के दौर में तकनीकी शब्दों की जानकारी और भविष्य में काम आने वाली चीजों की जानकारी देना था, वे इसका उपयोग महाविद्यालयीन और विश्वविद्यालयीन पढ़ाई के दौरान कर सकें।
केंद्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी का महत्व बताया और आगे के कोर्स की दी गई जानकारियां।
तीनों टेंस का उपयोग करना बताया
विविधा प्रकोष्ठ ने गुड टच, बैड टच व वुमन हेल्पलाइन की दी जानकारी
कॉलेज के महिला प्रकोष्ठ “विविधा“ की डॉ. सोनिया बजाज ने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताया। उन्हें अपना बचाव करने का तरीका भी बताया। वुमन हेल्प लाइन नंबर भी बताए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर इन नंबरों का उपयोग कर सहायता हासिल कर सकें। फोन करते ही या फिर मैसेज भेजते ही टीम के सदस्य फौरन मौके पर पहुंचेंगे।
विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के अंग्रेजी भाषा प्रयोगशाला में अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण व व्याकरण की विस्तृत जानकारी दी। सहायक प्राध्यापिका डॉ. सुषमा दुबे और नीता शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को खेल खेल में अंग्रेजी व्याकरण के प्रकार जैसे टेंस में प्रेजेंट टेंस, पास्ट टेंस व फ्यूचर टेंस, नाउन, प्रो नाउन के आदि बारे में बताया।
कंप्यूटर लैब और मोबाइल एप से मिल रही सुविधाओं के बारे में बताया
कम्प्यूटर लैब में उन्हें मोबाइल एप के बारे में बताया गया। विभाग के अध्यक्ष ठाकुर देवराज सिंह ने बताया कि एप छात्रों और शिक्षकों के बीच एक पुल का काम करता है। इसमें शिक्षकों, विभागों, किताबें, स्कूल-कॉलेज की सूचनाएं, लेक्चर की वीडियो क्लिपिंग आदि है। छात्र इसमें अपने सुझाव और शिकायतें भी भेज सकते हैं। जरूरी प्रश्न भी छात्रों को भेजे जाते हैं।
डिजिटल लाइब्रेरी में मिले किताबों को जमाना सीखा
संस्था के लाइब्रेरियन डॉ. ओपी पटेल ने लाइब्रेरी के बारे में बताया। यहां 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के जनरल्स मंगाए जाते हैं। यह कोर्स के साथ अनुसंधान की उपयोगिता की जानकारी देता है। कॉलेज के ग्रंथालय में छात्रों के उपयोग के लिए विश्वविद्यालय की परीक्षा के प्रश्नपत्रों की साफ्ट कॉपी और कोर्स के बारे में बताया गया। छात्रों को डिजिटल लाइब्रेरी में कॉपी किताब.काम एवं रिसर्च इंडिया ग्रुप से मंगाए जाने वाले ई - बुक्स और ई-जनरल्स के उपयोग के तरीके, सर्चिंग, टेस्ट सिरीज, प्रतियोगी परीक्षाओं की विषय सामग्री की जानकारी दी। उन्हें साफ्टवेयर का उपयोग, ओपेक, किताब लेने और जमा करने के नियम, सर्च इंजन और व्यवस्था, रख-रखाव की जानकारी दी गई। इस अवसर पर संजय चतुर्वेदी, स्वर्णा नायर, डॉ. मृदुला चतुर्वेदी, डॉ. जे दुर्गा प्रसाद राव और प्राचार्य डॉ. रक्षा सिंह आदि उपस्थित थीं।