छात्र-छात्राएं अब साइंटिफिक आइडिया को डीआरडीओ, इसरो और सीएसआईआर के साइंटिस्ट से साझा कर सकेंगे। हाल ही में राष्ट्रीय विज्ञान और संचार प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान भारती और सीएसआईआर ने मिलकर वर्चुअल साइंस पोर्टल तैयार किया है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा।
इसका फायदा यह होगा कि उनमें वैज्ञानिक सोच और विचारों को बढ़ावा मिलेगा। टीचर्स का मानना है कि छात्र पोर्टल से वे फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषयों पर अपनी अच्छी पकड़ बना पाएंगे।
स्कूल और कॉलेज में नए सत्र से दो महत्वपूर्ण फैसले लागू होंगे, छात्रों को मिलेगा फायदा
लिख सकते हैं विचार
इस पोर्टल के जरिए वे साइंस के किसी भी विषय पर विचार और आर्टिकल लिख सकते हैं। इन ब्लॉग की सीनियर साइंटिस्ट की ओर से समीक्षा की जाएगी।
एेसे जुड़ेंगे साइंस पोर्टल से
पोर्टल से ऑनलाइन जुड़ने हर स्कूल को अपना एक विशिष्ट पंजीकरण कोड देना होगा। जो स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लिखा जाएगा। इसके बाद छात्र कोड के जरिए पोर्टल की सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। इसमें बच्चों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
अब फीस, डॉक्यूमेंट नहीं रोक सकेंगे संस्थान, जवाबदेही तय
एजुकेशन रिपोर्टर | भिलाई
हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट एडमिशन न लेने पर भी स्टूडेंट्स की फीस और ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स रोक लेते हैं। इस संबंध में हर साल मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डवलपमेंट के पास शिकायतें पहुंचती हैं।
इन शिकायतों पर गंभीर रुख अपनाते हुए हाल ही में एमएचआरडी ने एक अर्ली नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को खास हिदायत दी है कि यदि इस बार एडमिशन न लेने की स्थिति में फीस नहीं लौटाने का मामला सामने आया, तो संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
मिलेगी राहत
देश के कई उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट्स के एडमिशन न लेने की सूरत में फीस लौटाने में कोताही बरती जाती है। स्टूडेंट्स को रिफंड के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
छिन सकती है मान्यता
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के मानदंडों के अनुरूप स्टूडेंट का दाखिला नहीं होने पर संस्थान फीस नहीं लौटाता तो उनकी मान्यता भी छिन सकती है।