दुर्ग के साइंस कॉलेज में अब 100 किलोवाट क्षमता वाला सौर उर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) में इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है।
प्राचार्य डॉ. एसके राजपूत ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य रिनीवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेन्सी (क्रेडा) ने इसके लिए कॉलेज को लेटर भेज दिया है। साइंस कॉलेज के अलावा राज्य के 10 अन्य कॉलेजों में भी सौर उर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इसमें रायपुर के 2, दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा, जगदलपुर, अम्बिकापुर, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ के 1-1 कॉलेज को शामिल किया गया है। डॉ. राजपूत ने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने इसके लिए विशेष योगदान रहा, जिसके कारण कॉलेज में संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
बिजली कटौती से मिलेगी राहत, खपत भी होगी कम
दुर्ग साइंस काॅलेज में स्थापित होने वाले इस सौर ऊर्जा संयंत्र को कॉलेज के प्रथम तल के ऊपर छत पर स्थापित किया जाएगा। इससे कॉलेज में होने वाली विद्युत की बाधित आपूर्ति से जहां एक ओर निजात मिलेगी, वहीं दूसरी ओर विद्युत की बीच-बीच में उतार-चढ़ाव युक्त सप्लाई से खराब होने वाले उपकरणों को भी बचाया जा सकेगा। साइंस कॉलेज में बिजली के बिल के रूप में हजारों रुपए की राशि शासन को अदा करनी होती है। सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो जाने के बाद कॉलेज की बिजली की खपत व बिजली के बिल में कटौती होगी।