रायपुर| मंदिर हसौद आयल डिपो से निकलने वाले टैंकरों से पेट्रोल और डीजल की चोरी करने वाले चार युवकों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डुप्लीकेट चाबी से टैंकर का लॉक खोलकर चोरी करते थे। डिपो के कुछ ड्राइवर भी आरोपियों से मिले हुए है। आरोपियों से 1850 लीटर पेट्रोल, डीजल और मिट्टी तेल मिला है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि आरोपियों का लिंक भिलाई के तेल माफियों से है। पुलिस उसकी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मंदिर हसौद का नोहर रात्रे उर्फ गोलू (38) तेल माफिया है। उसने डिपो में टैंकर चलाने शिव सेन (24) से संपर्क किया और पैसे का लालच देकर उसे अपने गिरोह में शामिल कर लिया। अपने दो साथियों अरुण कोसले और थान सिंह के साथ मिलकर तेल की तस्करी शुरू कर दी। शिव ने कुछ टैंकरों ड्राइवरों को सेट करके रखा था। उनसे कम दाम में डीजल, पेट्रोल ले लेता था और टैंकर में मिट्टी तेल मिला देता था।
आरोपी डुप्लीकेट चाबी से ढाबा और होटल में खड़ी टैंकरों से फ्यूल निकाल लेते थे। फिर उसे ट्रक ड्राइवरों को पंप से तीन रुपए कम में बेच देते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्नेस ऑयल और केरोसिन की भी तस्करी करते है। उद्योगों को उसे बेच देते हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। आरोपियों के टैंकर के अनुसार डुप्लीकेट चाबी बनाई। एक दर्जन चाबी शिव के घर से बरामद हुई है। उसे पता रहता था कि कौन से टैंकर कहां जा रहे हैं। उसके अनुसार आरोपी घेराबंदी करते थे। कई बार आरोपियों ने बिलासपुर और दुर्ग तक टैंकर का पीछा किया है। वहां से फ्यूल निकाल लेते थे।
भिलाई में प्रदेश के बड़े तेल माफिया
पुलिस के अनुसार तेल के बड़े माफिया भिलाई में है। साव बंधु प्रदेश में तेल की तस्करी करते है। गिरोह के कई सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। साव के गिरोह के लोग मंदिर हसौद, उरला, सिलतरा में सक्रिय थे। आरोपियों से मिलावट वाली तेल भी बरामद किया गया था। पुलिस को शक है कि नोहर रात्रे का गिरोह से संबंध है।