यूपीए शासनकाल में एक्सपांशन प्रोजेक्ट में किए गए निवेशों की हो रही जांच : विष्णुदेव
यूपीए शासनकाल में सेल के संयंत्रों में आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण योजना (मॉडेक्स) में निवेश की गई राशि की जांच की जा रही है। रिपोर्ट अभी उन्हें मिली नही हैं। रिपोर्ट मिलने पर ही स्पष्ट हो पाएगा कि योजना में निवेश की गई राशि को लेकर बंदरबांट हुई थी नहीं।
यह जानकारी इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीएसपी के स्वच्छता कार्यक्रम में शामिल होने के बाद प्रेस से चर्चा के दौरान दी। दरअसल उनसे कुछ दिनों पूर्व बीएसपी के दौरे में आए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर समर सिंह द्वारा मॉडेक्स में निवेश की राशि में बंदरबांट किए जाने की बात कही गई थी। इस पर राज्यमंत्री ने कहा कि सेल की जिन इकाइयों में यूपीए के शासनकाल में मॉडेक्स के तहत राशि निवेश की गई है उनकी जांच की जा रही है। जांच करने वालों में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर समर सिंह भी शामिल है जो कि बीएसपी में निवेश की गई राशि की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट अभी उन तक नहीं पहुंची है इसलिए वे यह बताने की स्थिति में नहीं है कि राशि की बंदरबांट की गई थी कि नहीं। यह जरूर कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के पूर्व सेल 7 हजार करोड़ के घाटे में चल रहा था।
स्थिति सुधरने पर बंद सुविधाएं होगी बहाल
इस्पात राज्यमंत्री ने कहा कि वेज रिवीजन पर प्रबंधन व मंत्रालय मिलकर विचार कर रहें है। अफोर्डेबलिटी क्लॉज हटाने के मामले को भी उन्होंने विचाराधीन बताया। कंपनी की स्थिति सुधरने पर बंद सुविधाएं एक-एक कर बहाल करने की बात भी उन्होंने कही।