ई-वे बिल के बिना 16.88 लाख की साड़ियां ला रहे ट्रासंपोर्टर पर लगा 1.77 लाख जुर्माना
इ वे बिल के नाम गुजरात से साड़ी ला रहे ट्रांसपोर्ट मेसर्स माता ट्रांसपोर्टर पर सेल टैक्स विभाग ने कार्रवाई की। उस पर 1.77 लाख रुपए जुर्माना किया। लाई जा रही साड़ियों की सप्लाई छत्तीसगढ़ और ओडिसा में किया जाना था। ट्रक में रखी साड़ियों की कीमत 16.80 लाख रुपए बताई जा रही है।
इन दिनों सेल टैक्स विभाग की ओर से विभिन्न टीम बनाकर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इस कड़ी में बुधवार को डिप्टी कमिश्नर गोपाल वर्मा की टीम ने शाम चिचोला बार्डर में एक ट्रक को पकड़ा गया। उसके वाहन चालक से पहल ई वे बिल की जानकारी मांगी गई, जिसके बारे में उसने अनभिज्ञता जाहिर की। इसके अलावा साड़ी के इनवॉयस बिल और अन्य पेपर्स के बारे में जानकारी नहीं दे सका। इस पर उसे दुर्ग लाया गया। यहां पर साड़ियों की कीमत का आंकलन किया गया। इसके बाद पेनाल्टी की कार्रवाई की गई।
पहली बार हुई किसी ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई
साड़ियों से भरे ट्रक को पकड़ा कर दुर्ग कार्यालय लाया गया।
ट्रक को चिचोला बार्डर पर पकड़े
ट्रक को मास चेकिंग के दौरान चिचोला बार्डर पर संदेह के आधार पर पकड़ा गया। सबसे पहले समान का बिल और उसमें रखे सामान की जानकारी मांगी गई। इसके बारे में वाहन चालक कोई जवाब नहीं दे सका। इसके अलावा सामान लाने वाले स्थान और अन्य चीजों की भी जानकारी नहीं दे पाया। इसकी वजह से उसे दुर्ग लाया गया। इसके बाद बाद उसमें रखे सामान का आंकलन किया गया।
दो साल की हो सकती है सजा
लगातार सेल टैक्स चोरी करने के मामले में ट्रांसपोर्टरों, निर्माता कंपनियां या फिर खरीदी करने वाले तीनों में से जिसकी भी बड़ी गलती होगी उसके खिलाफ पहले पेनाल्टी की कार्रवाई की जाएगी। फिर भी बात नहीं बनी तो तीनों में से किसी को भी दो साल की सजा हो सकती है। सेल टैक्स अफसरों को कोर्ट लगाकर फैसला सुनाने का अधिकार शासन की ओर से मिला हुआ है।
अब तक सामग्री का निर्माण करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाती रही है। पहली बार किसी ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई की गई। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण था कि उसने ई वे बिल नहीं रखा था। नियमानुसार ट्रांसपोर्टर,निर्माता और खरीदार तीनों के पास इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी की गई है। इसके बाद भी इसकी अनदेखी की गई।
इससे पहले दो टाइल्स वालों पर की थी कार्रवाई
इससे पहले सेल टैक्स विभाग के अधिकारियों ने गुजरात से टाइल्स लेकर आ रहे ट्रकों को पकड़ा था। उन्होंने चालाकी से इनवॉयस में कम दर लिखा था, ताकि टैक्स बचा सकें। इसके दाम काफी कम बता रहे थे। आठ लाख के सामान की कीमत उन्होंने सिर्फ 1.30 लाख रुपए ही दर्शा रखा था। इसकी वजह से उन पर पेनाल्टी लगाई गई।
इस बार सेल टैक्स की रकम बढ़ने का अनुमान
अब तक दुर्ग रेंज में तीन बड़ी कार्रवाई समेत 7 कार्रवाइयां की गई हैं। इसमें निर्माता कंपनियां या फिर खरीददार पर लाखों में पेनाल्टी लगाया गया। उनके जीएसटी चोरी करने की तरकीबों को उजागर किया गया। इस तरह लगातार कार्रवाई चल रही है। इससे विभागीय अधिकारियों को टैक्स में मिलने वाली राशि में वृद्धि होने की उम्मीद है।