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नौकरी का झांसा, दो युवकों ने की आधा दर्जन से ठगी

3 वर्ष पहले
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रायपुर | शिक्षा विभाग से लेकर पंचायत और मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर महासमुंद के दो युवकों ने प्रदेश के आधा दर्जन लोगों से दस लाख से ज्यादा की ठगी की है। आरोपियों ने प्रदेश के कई मंत्रियों से अपनी पहुंच बताई। सीधे भर्ती का झांसा दिया। मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज के साथ किसी से 3 लाख तो किसी से 70 हजार लिया। 50 रुपए के स्टांप में उधार में पैसे लेने का एग्रीमेंट कराया। उसके बाद फरार हो गए। अगर कोई पैसे मांगने के लिए फोन करते हैं, तो आरोपी धमकी देते है। आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर में भी केस दर्ज है।

गोलबाजार पुलिस के मुताबिक भिलाई-3 के लोकेश साहू 2013 में सरकारी नौकरी के लिए कोशिश कर रहा था। उसे अपने ससुर के माध्यम से पता चला कि महासमुंद का शाबास खान और प्रदीप ठाकुर की मंत्री से अच्छी पकड़ है। वह सरकारी नौकरी लगाता है। उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। आरोपियों ने उन्हें गोलबाजार के एमपी लाज में बुलाया। वहां एक घंटे तक मीटिंग की। दोनों ने नौकरी लगाने और सीधे नियुक्ति पत्र देने का आश्वासन दिया था। लोकेश को शिक्षा विभाग में नौकरी का झांसा दिया गया और तीन लाख खर्च बताया। लोकेश ने पैसे की व्यवस्था करने के लिए समय मांगा। उसने पहली किश्त के तौर पर डेढ़ लाख दिया। दो महीने बाद डेढ़ लाख दिया। उसे पांच महीने के भीतर नौकरी लगाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगी। लोकेश ने आरोपियों से संपर्क किया। आरोपियों ने कहा कि दो महीने में चयन सूची जारी होगा। उसमें नाम आ जाएगा। दो महीने फिर इंतजार किया। उसके बाद भी नौकरी लगी। जब उसने अपना पैसा वापस मांगा तो धमकी देने गला। पुलिस के अनुसार बिलासपुर के शैलेंद्र देवांगन, सोमनाथ साहू दुर्ग समेत आधा दर्जन लोगों से पैसे लिए है। सभी से उधार में पैसे लेने का एग्रीमेंट किया है, लेकिन किसी को नौकरी नहीं लगाए है।

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