भिलाई नगर सेक्टर-1 स्थित नेहरू सांस्कृतिक भवन में इप्टा के कलाकार नई पीढ़ियों को अभिनय की बारीकियां सीखा रहे हैं। इसमें उन्हें मंच पर चलना, संवाद अदा करना, डायलॉग भूल रहे हो तो कैसे साथी की सहायता करना बता रहे हैं। इस कड़ी में सपनों की उड़ान डांस ड्रामा प्ले किया गया। इसमें बच्चों के सपने क्या क्या होते हैं। उनकी कल्पना का संसार कुछ अलग ही होता है और उसकी वास्तविकता कुछ और होती है। इसका सीधा असर बच्चे की मानसिक संतुलन पर पड़ता है। नाटक में इससे बचने का साधन बताया गया।
इप्टा की भिलाई शाखा का स्थापना का यह 75वां साल है। इसकी तैयारी में बच्चे और बड़े कलाकार जुटे हुए हैं। इस कड़ी में सुबह 6 बजे से ही बच्चों की क्लास लग रही है। उन्हें थिएटर गेम्स के तहत मंच से संबंधित विभिन्न जानकारियां दी जा रही हैं।
नेहरू कल्चरल हाउस में इप्टा के कलाकर ओपन थिएटर और रंगमंच की कार्यशैली की दे रहे जानकारियां।
स्थापना दिवस पर होगा इन नाटकों का मंचन
बाल्टी से देंगे पानी बचाने का संदेश
बाल्टी नाटक से शहर में हो रही पानी की परेशानी को मंचित किया जाएगा। इसमें पानी सहेजकर रखने का संदेश दिया जाएगा। पानी नहीं होने से किस तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं और इससे बचने का क्या उपाय है? बता रहे हैं। नाटक के मंचन के दौरान होने वाली परेशानियों और निराकरण के बारे में बता रहे हैं।
देखा देखी काम करने के नुकसान बताए
स्वयं वधु नाटक में एक राज को प्रसिद्ध होने की सनक रहती है। इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार रहता है। उसे खुद के लिए स्वयंवर करने की सलाह दी जाती है। सामान्य लड़की के स्थान पर उसकी शर्त एक पहलवान की लड़की पूरी करती है, जिससे राजा की परेशानी बढ़ जाती है। इससे देखा देखी नहीं करने बात कही।
परिवार में सदस्यों के बीच समवन्य का लाभ
जूतों की जोड़ी नाटक से परिवार के सदस्यों के अलग-अलग भाव रखने और उसके अनुसार काम होने से क्या क्या नुकसान होते हैं। आपसी समन्वय बनाकर रहने और एक दूसरे की कद्र करने से होने लाभ के बारे में बताया जाएगा। साथ ही कैसे अपना काम करें, बड़े सदस्यों के साथ समन्वय कैसे बनाएं आदि बता रहे।
तात्कालिक थीम पर बच्चे बना रहे छोटे-छोटे नाटक
थिएटर गेम्स में बच्चों की अलग-अलग टीम और उसका लीडर बनाकर नया थीम दिया जाता है। उन्हें उन थीम पर एक छोटा नाटक तैयार कर अभिनय करने को कहा जाता है। लीडर की बात सभी मानते हैं। बाद उसमें उसकी समीक्षा की जाती है। गलतियों को सुधारा जाता है।
म्यूजिक की क्लास में दे रहे बेटी बचाने का संदेश
म्यूजिक की क्लास में दंगल फिल्म के गीत, छत्तीसगढ़ी गीत, भांगड़ा मिक्स गीत तैयार किए जा रहे हैं। इन गीतों में पर्यावरण बचाने और बेटी बचाने का संदेश भी दिया जा रहा है। जन गीतों के माध्यम से लोगों को सामाजिक संदेश भी दिया जा रहा है। इसमें समाज के बीच ऊंच नीच की खाइयों का उल्लेख करने के साथ ही उससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाा रहा है। पर्यावरण की सुरक्षा करने के लिए किए जाने वाले उपाय भी बता रहे।