सेल अफसरों के संगठन सेफी ने इस्पात सचिव डाॅ. अरूणा शर्मा से सेल पेंशन स्कीम, थर्ड पे-रिवीजन में अर्फोडिबिलिटी क्लॉज आदि मुद्दों पर चर्चा की।
सेफी ने इस्पात सचिव से आग्रह किया कि सेल पेंशन स्कीम की फाइल इस्पात मंत्रालय में 22 अगस्त 2017 से लंबित है, सेल के अधिकारी 11 वर्षों से इसका इंतजार रहे हैं और सभी महार| व नवर| कंपनियों में द्वितीय पीआरसी द्वारा दी गई पेंशन स्कीम चालू हो गई है। सेल प्रबंधन ने द्वितीय पे-रिवीजन के समय वर्ष 2009 में पेंशन स्कीम को शीघ्र चालू करने का आश्वासन दिया था, जिस पर अभी भी अमल नहीं हो पाया है। वर्ष 2007 के बाद से हजारों अधिकारी सेल से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और पेंशन का कई वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। बैठक में सेफी अध्यक्ष बक्शी केपी प्रसाद, सेफी महासचिव एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर, अध्यक्ष ओए आरएसपी विमल बीशी उपस्थित थे।
सेवानिवृत अधिकारियों को कई वर्षों से पेंशन का इंतजार
इस्पात सचिव डॉ. अरूणा शर्मा से विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा करते प्रतिनिधि मंडल के सदस्य।
लंबित मुद्दों को लेकर सेफी पदाधिकारियों ने की चर्चा
सेफी पदाधिकारियों ने इस्पात सचिव एवं संयुक्त सचिव से मांग की कि तीसरे पे-रिवीजन की अनुशंसा अनुसार बेलकर्व माॅडल समाप्त किया जाए एवं जबरदस्ती 10 प्रतिशत अधिकारियों को सी ग्रेडिंग देने की परंपरा तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। ताकि अधिकारियों का मनोबल बना रहे। सेफी पदाधिकारियों ने उक्त बैठक में लंबित मुद्दों से संबंधित ज्ञापन भी डाॅ. अरूणा शर्मा, इस्पात सचिव एवं पुनीत कंसल, संयुक्त सचिव को सौंपा।
अर्फोडिबिलिटी क्लॉज पर सरकार ने नहीं किया विचार
सरकार ने अर्फोडिबिलिटी क्लॉज पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया, जबकि इससे अफसरों को बड़ा नुकसान हो रहा है। इसके तहत पे-रिवीजन के निर्धारण के लिए तीन साल का पीबीटी को आधार बनाया गया है। इस दौरान सेल के घाटे में रहने से अधिकारियों के पे-रिवीजन का लाभ नहीं मिल पाया है। अर्फोडिबिलिटी क्लॉज जिसमें तीन साल का पीबीटी (कर पूर्व लाभ) के हिसाब से एमजीबी देने की बात कही गई है। पिछले 10 साल पीबीटी का एवरेज या श्रेष्ठ तीन पीबीटी के हिसाब से एमजीबी निर्धारित करने का आग्रह किया गया।
कंपनी का दस वर्षों में कुल लाभ 54 हजार 395 करोड़ रुपए
सेल का कुल लाभ 10 वर्षों में 54395 करोड़ है। उसके हिसाब से 10 साल का औसत 5439 करोड़ आता है व श्रेष्ठ तीन वर्षों का पीबीटी लिया जाए तो औसत करीब 10 हजार करोड़ आता है। इस हिसाब से सेल के अधिकारी उच्चतम स्तर के एमजीबी के हकदार होते हैं परंतु वर्तमान अनुशंसा के हिसाब से अधिकारियों का पे-रिवीजन नहीं हो पा रहा है। पिछले तीन वर्षों के पीबीटी को छोड़कर, पिछले 10 साल पीबीटी का एवरेज या श्रेष्ठ तीन वर्षों के पीबीटी के हिसाब से एमजीबी निर्धारित करने का अथवा पिछले तीन वर्षों के आधार पर पे-रिविजन करने का आग्रह सेफी ने किया।
उत्कृष्ट रेटिंग के बाद भी अफसर पे रिवीजन से वंचित
सेफी ने डाॅ. अरूणा शर्मा को यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में डीपीई ने सेल को एमओयू रेटिंग उत्कृष्ट एवं 1 वर्ष बहुत अच्छी रेटिंग दी है उसके बाद भी सेल के अधिकारी तीसरे पे-रिवीजन से वंचित किए गए हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सेल व आरआईएनएल का पे-रिवीजन किया जाना न्यायोचित होगा। सेफी ने आग्रह किया कि पिछले 10 वर्षों का प्रॉफिट बिफोर टैक्स का एवरेज या बेस्ट-3/बेस्ट-5 का आधार बनाते हुए एक जनवरी 2017 से दिया जाने वाला वेज रिवीजन निर्धारित किया जाए।