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आजादी के 71 साल बाद भानुप्रतापपुर पहुंची ट्रेन यात्रियों ने सेलिब्रेट किया बर्थ-डे और एनिवर्सरी

3 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजापुर प्रवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग से भानुप्रतापपुर में रेलसेवा का शुभारंभ किया। आजादी के 71 सालों बाद 498 सवारियों से भरी डेमू ट्रेन पहली बार भानुप्रतापपुर स्टेशन से 14 अप्रैल को दोपहर 1.41 बजे रवाना हुई। ट्रेन के रवाना होते ही सवार यात्री खुशी से झूमने लगे।

दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना अंतर्गत भानुप्रतापपुर स्टेशन से गुदुम स्टेशन तक नवनिर्मित रेलवे लाइन का लोकार्पण एवं भानुप्रतापपुर स्टेशन से गुदुम स्टेशन तक विस्तारित पैसेंजर सेवा का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इसके साथ ही कांकेर जिला दुर्ग से रेल सेवा से सीधे जुड़ गया।

लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ ने ट्रेन की हार्न बजाई। असिस्टेंट लोको पायलट ने सिर बाहर निकालकर हरी झंडी लहराई। कांकेर के कोर्राम दंपति ने शादी की सालगिरह मनाया। देवकी ने बेटी का बर्थडे केक काटा। और ट्रेन के चलने की खुशियां अपने अंदाज में जाहिर की।

ट्रेन को चलने में आजादी के 71 साल गुजर गए। लगभग दो साल के लंबे इंतजार के बाद इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई। भिलाई के लिए इस ट्रेन का चलना महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने बीएसपी को 100 सालों तक आयरन ओर मिलने का रास्ता साफ कर दिया है। अगला पड़ाव केंवटीं और कसरगुंडा है जो रावघाट से ओर लाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

भानुप्रतापपुर से गुदुम और दुर्ग के सफर को यादगार बनाने 50 किमी दूर से आए यात्री
गुदुम से भानुप्रतापपुर लाइव
27वीं सालगिरह ट्रेन में मनाई
कांकेर में रहने वाले पति राज कुमार व प|ी शकीला कोर्राम की शादी की 27 वी सालगिरह थी। इस दिन को यादगार बनाने के लिए दोनों ने नई ट्रेन में दुर्ग तक सफर किया।

बेटी का जन्मदिन ट्रेन में मनाया
टीटी बोली- यहां के लोग जागरूक हैं
टीटी राजेश्री ने कहा नक्सल प्रभावित होने की बात सुनकर सोचा था लोग सफर करने आएंगे कि नहीं। लोको पायलेट प्रतिभा ने कहा नक्सल एरिया में ट्रेन चला कर जरा भी डर नहीं लग रहा।

भानुप्रतापपुर की दो साल की बेटी खुशी की जन्मदिन की खुशियां परिजन ने ट्रेन में बांटी। महिला देवकी बाई ने अब तक सिर्फ फिल्मों में ट्रेन देखी थी। पहली बार खुद ट्रेन में सफर किया।

पहले दिन 498 मुसाफिरों ने कुल 6965 रुपए के टिकट खरीदे
दुर्ग

मरौदा

मरौदा

पऊवारा

रिसामा

गुंडरदेही

सिकोसा

लाटाबोर

बालोद

कुसुमकसा

दल्लीराजहरा

गुदुम

भानुप्रतापपुर

अप ट्रेन संख्या-78815, डाउन ट्रेन संख्या 78818

19 मिनट में किया 17 किमी सफर तय: भानुप्रतापपुर से ट्रेन 1.41 मिनट पर छूटी, पहले स्टेशन पड़ोसी जिला बालोद के गुदुम ठीक 2 बजे पहुंची।

ट्रेन की गार्ड नेहा कुमारी को भानुप्रतापपुर की बुजुर्ग महिला ने गले लगा लिया। हाथ उठाकर उसे ढेर सारा आशीर्वाद दिया।

आरक्षित टिकट नहीं: भानुप्रतापपुर में टिकट खिड़की ट्रेन रवाना होने के एक घंटे पहले खुलेगी, ट्रेन रवाना होते ही बंद हो जाएगी।

2 साल का इंतजार पूरा
पहले दिन भानुप्रतापपुर में बिके 498 टिकट

जनप्रतिनिधियों के साथ अफसरों ने भी किया सफर

वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं
उद्घाटन के लिए गोंदिया से आई थी नई ट्रेन, आज से पुरानी चलेगी
यह ट्रेन सिर्फ उद्घाटन के लिए आई थी। इसकी क्षमता 1600 हार्स पावर की थी। इसका उपयोग बालाघाट से समनापुर तक नई लाइन में किया गया था। इसमें यात्रियों के लिए गद्दे दार सीटें हैं। स्टेशन पहुंचने पर भीतर ही बने डिस्प्ले बोर्ड में स्टेशन का नाम दिखता है। स्पीकर में भी यात्रियों को स्टेशन के आने की सूचना दी जाती है।

बीएसपी के लिए वरदान क्योंकि 100 सालों तक मिलेगा अयस्क
भानुप्रतापपुर तक ट्रेन चलने से बीएसपी को सीधा फायदा होगा। क्योंकि, दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना भारतीय रेलवे की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है । इसके प्रथम चरण में दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच 95 किलोमीटर रेलवे लाइन और द्वितीय चरण में रावघाट से जगदलपुर के मध्य 140 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। भिलाई स्टील प्लांट को लौह अयस्क की आपूर्ति दल्लीराजहरा की खदानों से हो रही है।

सुरक्षा के लिए हर 50 मी. पर 10-10 जवानों की थी टुकड़ी
ट्रेन की सुरक्षा और यात्रियों को उनकी मंजिल तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए लिए एसएसबी, आरपीएफ, विशेष सशस्त्र पुलिस के 2000 से अधिक जवान सुरक्षा में डटे रहे। भानुप्रतापपुर से गुदुम तक हर 50 मीटर दस दस जवानों की टुकड़ियां ट्रैक के दोनों तरफ थी।

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