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पहले फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से चैक लिया फिर बैंक से निकाली राशि, पुलिस ने दर्ज किया केस

3 वर्ष पहले
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क्राइम रिपोर्टर |दुर्ग/ राजनांदगांव

दुर्ग कोलिहापुरी निवासी 60 वर्षीय मुक्तावन लाल से 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी करने वाला आरोपी पीड़ित का सहकर्मी अशोक चंद्राकर ही निकला है। जिसने मुक्तावन लाल के हस्ताक्षर सहित बैंक एकाउंट के संबंध में सभी जरूरी जानकारी थी।

मुक्तावन लाल बीएसपी में कार्यरत थे, जिनके रिटायरमेंट और इसके बाद मिलने वाली राशि की जानकारी अशोक चंद्राकर को थी। अशोक मुक्तावन के अधीनस्थ ही सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। अशोक ने पहले ही राशि हड़पने की साजिश रच ली थी। मुक्तावन लाल का खाता पंजाब नेशनल बैंक भिलाई का है, जहां अशोक ने बड़ी ही चालाकी से मुक्तावन का हस्ताक्षर कर चेक बुक इश्यू करा ली।

इसके बाद अशोक ने अपने एक अन्य साथी कृष्णा लाल गोड़ का फर्जी आधार नंबर व पेन नंबर बनाकर पंजाब नेशनल बैंक राजनांदगांव में मदन के नाम से खाता खुलवाया। मुक्तावन के रिटायरमेंट के बाद जैसे ही उसकी जमा राशि 7 लाख रुपए खाते में आई।

खाता खुलवाने वाले को भेजा है जेल

अशोक ने पूर्व में इश्यू कराई चेकबुक के माध्यम से पूरी राशि मदनलाल के नाम से खुले फर्जी खाते में जमा करा ली और राशि का आहरण कर लिया। राजनांदगांव कोतवाली टीआई याकूब मेमन ने बताया कि आरोपी रिसाली निवासी अशोक चंद्राकर और फर्जी खाता खुलवाने वाले बोरसी दुर्ग निवासी कृष्णा कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मोबाइल नं. से खुला राज, आरोपी तक पहुंची पुलिस

जिस तरह आरोपी अशोक ने मुक्तावन लाल की चेकबुक इश्यू कराई थी। उसी तरह उसने अपना मोबाइल नंबर मुक्तावन के खाते में मैसेज अलर्ट कर एंट्री करा दी थी। जब पुलिस ने मुक्तावन के खाते के लिए दर्ज मोबाइल नंबर को खंगाला तो वह अशोक का निकला। यहीं से पुलिस को सुराग हाथ लगा और पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों से धोखाधड़ी की गई राशि में 4 लाख रुपए बरामद कर ली है।

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