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सवा सौ टॉयलेट बनाकर दो सौ की निकाली राशि, अब सरपंच से होगी 21 लाख की वसूली

3 वर्ष पहले
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टाॅयलेट के दरवाजे पर इस तरह लिख दिए दो-दो नाम।

अब यह पूरा मामला जाएगा एसडीएम कोर्ट में, सुनवाई के बाद होगी वसूली

जनपद पंचायत दुर्ग के अफसरों ने बताया िक मामले की जांच पूरी हो चुकी है। इस मामले में सरपंच से ज्यादा बिल भुगतान की राशि वसूल की जाएगी। यह प्रकरण एसडीएम कोर्ट में भेजा जाएगा। मामले की सुनवाई के बाद वसूली की कार्रवाई होगी। अफसरों ने बताया कि सरपंच भुनेश्वर यादव से राशि वसूल की जाएगी। अन्य पंचायतों में भी शिकायतों की जांच चल रही है।

अधूरे कार्यों की शिकायतें भी सही, अब इस मामले में भी शुरू होगी कार्रवाई

शिकायत में बताया गया िक कई घरों में टाॅयलेट का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। गांव के ज्यादातर घरों में टाॅयलेट बनाने में घटिया क्वालिटी की सामग्री का प्रयोग हुआ। 6 महीने पहले इस मामले की शिकायत की गई। जांच टीम ने सभी शिकायतें सही पाई। अब इस मामले में कार्रवाई शुरू हो रही है।

टॉयलेट निर्माण योजना में ऐसे हुई गड़बड़ी हितग्राहियों का नाम लिख फोटोग्राफ के साथ बिल प्रस्तुत किए

घर पर निजी टायलेट का निर्माण करने पर प्रत्येक हितग्राही के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 हजार रुपए का भुगतान होता है। शिकायत के अनुसार टाॅयलेट का निर्माण कर सरपंच ने दरवाजे के दोनों ओर अलग-अलग हितग्राहियों के नाम लिखकर फोटोग्राफ के साथ बिल प्रस्तुत किया। इस तरह एक टाॅयलेट बनाकर जनपद से दो हितग्राहियों के नाम से 24 हजार रुपए का भुगतान लिया। अफसरों के अनुसार ऐसे करीब सवा सौ मामलों का खुलासा हुआ है। 6 टायलेट ऐसे पाए गए जिसमें तीन हितग्राहियों के नाम से सरपंच ने राशि का भुगतान लिया। आपको बता दें कि ग्रामीण इलाकों के अलावा दुर्ग और भिलाई के शहरी क्षेत्रों में भी इस तरह की शिकायतें मिली है। लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था इतनी लचर है कि मामले में जांच भी खानापूर्ति के लेवल पर हो रही है। इसलिए कई सवाल उठ रहे हैं।

मामले की जांच के लिए बनी 6 सदस्यीय टीम

जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ आरके खुंटे ने शिकायत मिलने पर 6 महीने पहले जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम में जनपद सीईओ कांति ध्रुव, जनपद विस्तार अधिकारी जेसी इमानुएल, करारोपण अधिकारी गजेंद्र चंद्राकर, आरईएस की सब इंजीनियर मीनाक्षी गजेंद्र, तकनीकी सहायक जालम चंद्राकर, ब्लॉक समन्वयक जीवनलाल शामिल किए गए। जांच टीम ने हाल ही में जांच का काम पूरा कर रिपोर्ट भेज दी है।

लगातार शिकायतें मिल रही, भौतिक सत्यापन करेगी

जिले के तीनों जनपद पंचायतों में टायलेट निर्माण योजना को लेकर व भुगतान न मिलने के कारण शिकायतें मिल रही है। पंचायत से गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मिल रही हैं। जिला पंचायत ने इन मामलों की जांच के लिए सभी करारोपण अधिकारियों समेत अन्य अफसरों को भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने कहा है।

गड़बड़ी की जांच का काम हुआ पूरा, होगी वसूली

सिरसाखुर्द में टाॅयलेट निर्माण में गड़बड़ी की जांच का काम पूरा हो चुका है। इस मामले में सरपंच से वसूली की जाएगी। नगपुरा में हुई गड़बड़ी की जांच हो चुकी है। सरपंच से लगभग 21 लाख रुपए वसूल किए जाएंगे। गड़बड़ी के लिए दोषी अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई होगी। कांति ध्रुव, सीईओ, जनपद पंचायत दुर्ग

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