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नए सत्र से शुरू होगा एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम

3 वर्ष पहले
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साइंस कॉलेज में शुरू होने वाली है एडमिशन की प्रक्रिया, उच्च शिक्षा विभाग ने दी लिखित स्वीकृति

छात्र-छात्राओं द्वारा लंबे समय से की जा रही थी पाठ्यक्रम की मांग

एजुकेशन रिपोर्टर| भिलाई

शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) दुर्ग में नये शैक्षणिक सत्र 2018-19 से मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) का दो वर्षीय पाठ्यक्रम शुरु होने जा रहा है। इसके लिए साइंस कॉलेज में एडमिशन की प्रकिया शुरू होने वाली है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज को लिखित स्वीकृति दे दी है।

साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके राजपूत ने बताया कि इस पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए हमारी तैयारी भी पूरी हो चुकी है। कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग द्वारा संचालित होने वाले एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम में कुल 40 सीटों में इस सत्र प्रवेश दिया जाएगा।

समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र चौबे ने बताया कि रोजगारोन्मुखी एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम की मांग छात्र-छात्राओं द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के निराकरण हेतु भी प्रेरित करेगा। जिसके लिए कॉलेज ने भी इनकी मांग को देखते हुए इस ओर पहल कर कोर्स को इस सत्र से ही संचालित करने की तैयारी कर ली है। इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की काफी रूचि है। इसे देखते हुए साइंस कॉलेज में पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।

एक जून से होगा पाठ्यक्रम में प्रवेश

दो वर्ष में होंगे चार सेमेस्टर कोर्स की कम होगी फीस

कोर्स की फीस काफी कम होगी। एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम दो वर्षों का होगा और इस पाठ्यक्रम में चार सेमेस्टर होगे। डॉ. चौबे ने बताया कि सेमेस्टर में विद्यार्थियों को प्रायोगिक, प्रोजेक्ट कार्य आवंटित किये जायेंगे इसके साथ ही प्रायोगिक व प्रोजेक्ट कार्य संबंधी रिपोर्ट विद्यार्थी को मूल्यांकन हेतु जमा करना अनिवार्य होगा। 1 जून से महाविद्यालय में एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र उपलब्ध होंगे। कार्यालयीन समय में इच्छुक विद्यार्थी महाविद्यालय कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

साइंस कॉलेज में अगले सत्र से नेट व सेट की कक्षाएं भी

सत्र 2018-19 में कॉलेज के विभिन्न स्नातकोत्तर विभागाें ने नेट व सेट के लिए प्रशिक्षण कक्षाएं संचालित करने की प्लानिंग है। वर्तमान में राजनीति शास्त्र विभाग, गणित तथा भौतिक शास्त्र विभाग ने यह पहल की है। कॉलेज में प्रोफेसरों की स्वयं सेवी संस्था जन उन्नयन द्वारा भी विद्यार्थियों हेतु राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता संबंधी कोचिंग कक्षाएं निरंतर संचालित की जा रही हंै। सत्र 2017-18 में साइंस कालेज के 40 विद्यार्थियों में राज्य स्तरीय सेट परीक्षा 2017 और छग पीएससी की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में 20 विद्यार्थियों ने सफलता पाई है।

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