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बेसमेंट में फिर से रसूखदारों का कब्जा, जिम्मेदार भी एक कार्रवाई करके भूले, अब बोले- शहर में चलेगा अभियान

3 वर्ष पहले
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हाइवे किनारे के होटल व व्यावसायिक कॉम्पलेक्स संचालक पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट का कमर्शियल उपयोग कर रहे हैं। बकायदा, संचालकों ने बेसमेंट को ऑफिस पर्पज पर किराये से दे रखा है। नेहरू नगर से लेकर पॉवर हाउस और खुर्सीपार तक यही हालात है। बावजूद निगम कार्रवाई करने की बजाए मौन साधा हुआ है।

सालभर पहले निगम की टीम ने बेसमेंट सील करने की कार्रवाई की थी। तब 13 जगहों में निगम की टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। इसके बाद वहां के हालात को देखने भी अमला नहीं गया। ऐसे में निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठ रहे हैं। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि बेसमेंट में रसूखदार कब्जे किए हैं और निगम कार्रवाई भी नहीं कर रहा है। इसकी वजह से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। कॉम्पलेक्स और होटलों के बाहर वाहन खड़े होने से बार-बार जाम की स्थिति निर्मित होती रहती है। इसकी वजह से लोग परेशान है।

इस तरह कॉम्पलेक्स के बाहर वाहनों को खड़ा किया जाता है।

तब निगम की टीम को बेसमेंट में मिला था ये सब...

गोडाउन का उपयोग: नेहरू नगर स्थित एक होटल में बेसमेंट था, लेकिन उसका उपयोग गोडाउन के रूप में संचालक ने किया। जबकि होटल के सामने खाली पड़ी जमीन पर पार्किंग कर रखी थी। जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा था।

बेसमेंट में चल रही थी दुकान: नेहरू नगर में ही एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बेसमेंट में दुकान चल रही थी। बकायदा, 7 दुकानें निगम की टीम को मिली।

बेसमेंट में अस्पताल: नेहरू नगर में एक अस्पताल के बेसमेंट में एक वार्ड ऑपरेट हो रहा था। यहां आने वाले लोग गाड़ी सड़क पर रख रहे थे।

ऑटोमोबाइल शो रूम: सुपेला में कार और बाइक शोरूम के बेसमेंट में भी गड़बड़ी मिली थी। बेसमेंट में पुरानी गाड़ी मिली थी। अब फिर से बेसमेंट में गाड़ियां हंै।

रात में पुलिस ने सड़क से वाहन हटाने अभियान चलाया।

समझाइश के बाद नहीं की कार्रवाई

निगम ने कई दफा नोटिस दे चुका है। फरवरी 2014 से लेकर अगस्त 2015 तक चार बार नोटिस दिया गया। हाइवे किनारे 31 लाेग हैं, जो बेसमेंट का उपयोग पार्किंग में करने की बजाय व्यावसायिक के लिए कर रहे हैं।

अधिनियम के मुताबिक पार्किंग जरूरी

ननि अधिनियम के मुताबिक, 250 स्क्वेयरफीट भूमि से अधिक पर बने शॉपिंग काम्पलेक्स में पार्किंग अनिवार्य है। चाहे पार्किंग बेसमेंट में हो या किसी अन्य स्थान पर।

कलेक्टर के आदेश का पालन नहीं

कलेक्टर ने पार्किंग को लेकर जरूरी निर्देश तीनों निगम आयुक्त को दिए थे। निगम के अफसरों ने कलेक्टर को आदेश को हल्के में लिया और खानापूर्ति की।

सीधी बात

दिवाकर भारती चेयरमैन, भवन अनुज्ञा, ननि

पिछले साल चलाए थे अभियान, अब होगा सर्वे

शहर में फिर से होटल और व्यावसायिक कांप्लेक्स के बेसमेंट में कब्जा हो गया, कार्रवाई नहीं किए?

-पिछले साल हमने कार्रवाई की थी। तब 12 कांप्लेक्स में बेसमेंट में सील किया था।

अब तो ये फिर से शुरू कर दिए हैं, क्या अब कार्रवाई नहीं होगी?

-कार्रवाई जरूर होगी। इसके लिए अफसरों से कहा भी था। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। आखिर ऐसी क्या वजह है कि अफसर बेसमेंट में कब्जे के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे?

-वजह साफ है, सबकी मिलीभगत से यह सब चल रहा है। ऐसे मामलों में उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए।

इसके लिए अभियान कब से शुरू करेगा निगम? -मैं आज ही इस मामले में निगम आयुक्त से चर्चा करूंगा। बेसमेंट में व्यावसाय करने वाले होटल और कांप्लेक्स का सर्वे कर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।

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