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माता-पिता को सताया तो हो सकती है जेल की सजा, इसलिए सतर्क रहें:हरीश

3 वर्ष पहले
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मां का आशीर्वाद इंसान के लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। मां के प्रति सम्मान भाव देवत्व प्रदान करता है। यह बात जनसुनवाई फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम एक शाम मां के नाम में सीएसपी वीरेंद्र सतपथी ने कही। स्वरूपानंद महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्यारी मां थीम पर कवियों, पुलिस अफसर, न्यायाधीश ने विचार रखे।

जिला न्यायालय के फास्ट कोर्ट जज हरीश कुमार अवस्थी ने इस बात पर अफसोस जताया कि आज समाज में माता-पिता के लिए आदर व सम्मान घटता जा रहा है। शहरों में वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ती जा रही है। दुर्ग के वृद्धाश्रमों में ही ऐसी कितनी माएं हैं, जिनको उनके बच्चों ने घर से निकाल दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ऐसे वृद्ध जनों को उनका कानूनी हक दिलाया जा रहा है। साथ ही ऐसी लापरवाह संतानों को जेल की हवा खिलाने का भी प्रावधान सरकार ने बना दिया है। कार्यक्रम में एएसपी सुरेशा चौबे ने कहा मां अपनी हर औलाद के लिए दर्द झेलती है। स्वरूपानंद काॅलेज की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा मां भूमिका देश और समाज के निमार्ण में महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर इंदौर से आई कवियित्री विनीता सिंह चौहान, सदानंद आनंद, एलसी जांगड़े, मुकेश शर्मा, ब्रजेश मलिक, कासिम रायपुरी ने काव्य पाठ किया। 21 महिलाओं काे सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में दानेश्वर प्रसाद दुबे, किशोर जैन, रविंद्र साहू, प्रवीण शुक्ला, ओम ओझा, अजय दुबे, एलसी जांगड़े उपस्थित थे।

समारोह के दौरान 21 महिलाओं का सम्मान संस्था की ओर से किया गया।

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