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राज्य के सभी ब्लड बैंकों की करें जांच, मिलेंगी खामियां :एचएमएस

3 वर्ष पहले
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भिलाई श्रमिक सभा एचएमएस की गेट मीटिंग शनिवार को बोरिया गेट पर हुई। सभी सदस्यों ने छत्तीसगढ़ शासन और ड्रग कंट्रोलर से मांग करते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ के सभी ब्लड बैंकों की जांच की जाए। यूनियन दावा करती है कि छत्तीसगढ़ के आधे से ज्यादा ब्लड बैंक में सेक्टर-9 हॉस्पिटल के ब्लड बैंक की तुलना में 25% भी सुविधा नहीं होगी। यूनियन ने मांग की कि शासन सेक्टर-9 के ब्लड बैंक का निलंबन निरस्त करे।

देव सिंह और शंकर साव ने कहा कि नए शॉप में जिन कर्मचारियों का तबादला किया गया है। उन्हें 3 साल में प्रमोशन और एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाना चाहिए। क्योंकि स्टैंडिंग आर्डर प्लांट में स्पष्ट उल्लेख है कि समान नेचर के जॉब में ही स्थानांतरण किया जाएगा।

ईएल नकदीकरण शुरू करने की मांग

वरिष्ठ सचिव वीके सिंह और संगठन सचिव बीजी कारे ने कहा कि, डायरेक्टर पर्सनल ने यूनियन से चर्चा में कहा था कि बीएसपी को प्रॉफिट में आने पर ईएल नगदीकरण शुरू किया जाएगा। चूंकि, बीएसपी अब प्रॉफिट में आ चुका है। ई-एल एनकेशमेंट तत्काल शुरू किया जाना चाहिए। सचिव दीनानाथ मिश्रा और त्रिनाथ राव ने कहा कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों का समर्पण अपने कार्य के प्रति ज्यादा रहता है। ऐसे समय में यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत आती है तो कर्मचारी का अपने स्वास्थ्य के प्रति उपेक्षा स्वाभाविक है।

संस्थानों में अनुकंपा नियुक्ति शुरू की जाए

सभी सार्वजनिक उपक्रमों तथा छत्तीसगढ़ शासन में प्रावधान है कि किसी भी स्थिति में कर्मचारी की मृत्यु में अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है, इसे बीएसपी में भी लागू किया जाना चाहिए। उप महासचिव हरिराम यादव और एसएम वजी अहमद ने कहा कि 7.5 मिलियन टन स्टील बनाना है तो संयंत्र में नए मेन पावर की भर्ती करनी होगी। क्योंकि हर विभाग में कर्मचारियों तथा अधिकारियों दोनों पर कार्य का दबाव बढ़ता जा रहा है।

कर्मियों को दी जाए ई-जीरो प्रमोशन

कार्यवाहक अध्यक्ष प्रेम सिंह चंदेल ने कहा कि 2008 और 2010 के परिपत्र के अनुसार 10% कर्मचारियों को ई-0 का प्रमोशन दे तथा लिखित परीक्षा की बाध्यता समाप्त करें। क्योंकि 2008 और 2010 में कर्मचारियों का अनुभव लिखित परीक्षा को लेकर अच्छा नहीं रहा है। एक तो इसमें पूरी पारदर्शिता नहीं होती। दूसरा इसमें प्रबंधन को आंतरिक रूप से मनमानी करने की पूरी छूट मिल जाती है। ऐसे में प्रमोशन देना ज्यादा उचित है।

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