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कागजों में मालिकाना हक दिखा घाना में काम करने वाले से 1 करोड़ रु. ठगे

3 वर्ष पहले
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कागजों में जमीन दिखाकर सीएसईबी कर्मचारी राकेश पांडेय ने अफ्रीका (घाना) में काम करने वाले अखिलेश सिंह से 1 करोड़ से ज्यादा की रकम ठग ली। पैसे लेते समय आरोपी ने हर महीने 2.5 प्रतिशत की ब्याज वादा किया और सिक्यूरिटी के लिए कागजों में जमीन दिखाकर पावर ऑफ अटार्नी थमा दी। पीड़ित को जब उसकी जालसाजी के बारे में मालूम हुआ तो उन्होंने सुपेला थाने में धोखाधड़ी के तहत शिकायत दर्ज करा दी। इस पर राकेश पांडे को जेल हो गई तो आरोपी की प|ी उर्मिला पांडे हाईकोर्ट में अपनी जमीन बेचकर पैसे लौटाने की शर्त पर उसे जमानत पर रिहा करा लाई। लेकिन बाहर आकर आरोपी रकम वापस करने की जगह उसे घुमाने लगा। न्यायालय के आदेशों का पालन न करने पर हाईकोर्ट ने 12 मार्च फिर से राकेश पांडे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

जेल जाने पर हुआ सस्पेंड

बताया जाता है कि राकेश पांडेय सीएसईबी में ऑपरेटर के पद कार्यरत था। पैसे दो गुना करने के खेल में अखिलेश सिंह ही अकेले पीड़ित नहीं है। रिसाली में पदस्थ रहे आरोपी पांडेय के सहकर्मचारियों का कहना था कि उसने विभाग के भी काफी लोगों से पैसे ले रखे थे। जब अखिलेश सिंह ने उसके खिलाफ सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई तो उसे जेल हो गई।

प|ी के जरिए बढ़ाया पारिवारिक मेलजोल

पीड़ित अखिलेश सिंह ने बताया कि वे साल 2010-11 अफ्रीका महाद्वीप के घाना में एक कंपनी में प्रोडक्शन मैनेजर थे। लेकिन उनका परिवार स्मृति नगर में रहता था। एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उनके परिवार की स्मृति नगर निवासी राकेश पांडे के परिवार से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि मेरे विदेश में नौकरी करने की सुनकर राकेश पांडे के मन में लालच आ गया। इसके बाद से उसने प|ी उर्मिला को भेजकर परिजनों के साथ मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने मेरे परिवार को प्रापर्टी में इनवेस्ट करके रकम तीन साल में दोगुनी करने का झासा दिया। सिक्यूरिटी के लिए जमीन की पावर ऑफ अटार्नी और चेक देने की बात कही।

20 लाख रुपए का ब्याज देकर ऐंठे 80 लाख

अखिलेश सिंह ने बताया कि राकेश पांडे सीएसईबी में कार्यरत था। उसका स्मृति नगर में खुद का घर था। अच्छे व्यवहार उसने परिवार के लोगों का दिल जीत लिया था। इसके चलते 2010 के अंत में राकेश पांडे को 20 लाख रुपए दे दिए। इसके एवज में उसने हर महीने 2.5 प्रतिशत की ब्याज देने वादा किया था। करीब दो साल तक उन्हें चैक के माध्यम से ब्याज की रकम मिलती रही। इसी बीच 2012 में वो भी विदेश से आ गए। राकेश पांडे उन्हें बड़ी रकम इनवेस्ट करने के लिए प्रेरित करने लगा। पैसा मिलने और सिक्योरिटी के रूप में जमीन के कागज को देखकर उन्होंने 80 लाख रु. वसूले।

आरोपी को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी

कोर्ट की तरफ से आरोपी को हाजिर करने के लिए टाइम पीरियड दिया जाता है। इसी पीरियड में आरोपी राकेश पांडे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शशि मोहन सिंह, एएसपी

डेवलपर्स के साथ मिलकर करता था ठगी

अखिलेश सिंह ने बताया कि पावर ऑफ अटार्नी आस्था डेवलपर्स की जमीन की दी जाती थी। लेकिन साल 2012 में इतनी बड़ी रकम देने के अगले महीने से उन्हें ब्याज का पैसा मिलना बंद हो गया। इस संबंध में जब उससे बात कई गई तो उसने आस्था डेवलपर्स के सहयोगी एजाज नियाजी, मनीष राव सोलंकी और साबिर अली से मुलाकात कराई। उस दौरान उन्होंने कुछ महीने इंतजार का आश्वासन देकर टहला दिया। सालों तक टालमटोल करते रहे। जब उन्होंने जमीन के बारे में जांच-पड़ताल की तो पावर ऑफ अटार्नी फर्जी निकली। 2016 में सुपेला थाने में अलग-अलग मामला दर्ज करा दिया।

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