पंप हाउस-2 में कंट्रोल रूम 40 फीट नीचे हादसा हुआ तो बचने ऊपर नहीं आ पाएंगे
पंप हाउस-2 ऑपरेटर कंट्रोल केबिन में पहुंचकर वहां की स्थिति देखी।
पंप हाउस में हो वाॅकी-टाॅकी का उपयोग
कर्मियों ने बताया कि 40 फीट नीचे स्थित पंप हाउस पर कार्य करते समय चार्ज मैन को निर्देश देने के लिए कंट्रोल रूम में जाना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्देश देने के लिए वाकी-टाकी का उपयोग किया जाए ताकि वह ऊपर खड़े हो कर्मियों को देखते हुए निर्देश दे सकें।
गेट वाॅल्व ऑपरेट के लिए लगे मोटर ड्राइव
कर्मियों ने यह भी बताया कि क्लोरिन गैस स्टेशन में विंच मशीन के गेट वाल्व को ऑपरेट करने के लिए चार व्यक्तियों की जरूरत पड़ती है। गेट वाल्व में मोटर ड्राइव लगाया जाए ताकि एक व्यक्ति आसानी से उसे ऑपरेट कर सके।
पंप हाउस में लगा सीसीटीवी कैमरा, सूचक यंत्र लगाया
भ ूतल से नीचे स्थित पंप हाउस में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है जिसे ऊपर स्थित नियंत्रण कक्ष से देखा जा सकता है। इसी तरह जलस्तर सूचक एवं कार्बन मोनोआक्साइड सूचक यंत्र भी भूतल (ऊपर) पर स्थित नियंत्रण कक्ष में लगाया गया है, जिससे नीचे स्थित पंप हाउस में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर भूतल पर स्थित नियंत्रण कक्ष में इसकी सूचना मिल जाती है और कार्रवाई की जाती है। इसी तरह पंप क्रमांक 13 व 14 के पास जहां हादसा हुआ था, वहां वेंटिलेशन प्रणाली को बेहतर बनाया गया है। जिससे गैस लीकेज होने कि स्थिति में भी वह हवा के साथ मिलकर विरल हो जाएगा और उसका असर न्यूनतम हो जाएगा।
सेफ्टी कमेटी ने इन खामियों को भी बताया
पंप क्रमांक-1 व 4 के बीच वेंटिलेशन में सुधार की आवश्यकता है। क्रेन की इमरजेंसी ब्रेक डाउन के समय न तो क्रेन आपरेटर के उतरने की और न ही उन्हें किसी भी तरह की राहत पहुंचाने की व्यवस्था है। सेफ्टी टीम ने रखरखाव की जरूरत महसूस की। रोटरी स्क्रीन आउटलेट चेंबर पर रखी प्लेट पूरी तरह सड़ गई है।