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दिन में 5 मिनट करें मेडिटेशन, चीजों को ज्यादा समय तक रख पाएंगे याद: मिली

3 वर्ष पहले
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हाउसिंग बोर्ड में चल रहे प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विवि के समर कैंप में बच्चों को अपने लक्ष्य को श्रेष्ठ बनाने टिप्स दिए गए। ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने कहा कि नैतिक मूल्य से सुसज्जित व्यक्ति हमेशा सेवा भाव वाला होता है। वह अपनी विशेषताओं व योग्यताओं को दूसरों कि सेवा में लगाता है और सभी के लिए प्रेरणा बनता है।

मदर टेरेसा एक साधारण नारी होते हुए भी समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणा का स्रोत बनीं। जिन्हें आज पूरी दुनिया याद रखती है। ब्रह्माकुमारी मिली ने कहा कि हर इंसान को अपने जीवन में एक लक्ष्य होना चाहिए। हम लक्ष्य को तभी पा सकते हैं, जब अपने विचारों को अपने लक्ष्य की ओर एकाग्र करें। किसी भी तरह से अपने ध्यान को नहीं भटकाना है। एकाग्रता को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है, मेडिटेशन। यदि आप हर दिन पांच मिनट मेडिटेशन करते हैं, तो आप ताजा महसूस करोगे। और आप चीजों को ज्यादा समय तक याद रख पाओगे।

शिविर की शुरुआत में ब्रह्माकुमारी बहनों ने स्कूली छात्र-छात्राअों को एक्सरसाइज और योगा करवाया।

जानिए, मदर टेरेसा इस घटना से प्रेरित होकर बनीं आदर्श

मदर टेरेसा कोलकाता में किसी सड़क से जा रही थी। वहां एक व्यक्ति सड़क किनारे पड़ा था, उसका शरीर पूरी तरह गल चुका था। पर कोई उसकी मदद नहीं कर रहा था। उसे देख उनके मन मंे रहम का भाव आया। उन्होंने ने उसे उठाया और हॉस्पिटल ले जाने की तैयारी की। लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। उस घटना से मदर टेरेसा के मन में समाज में ऐसे असहाय लोगों के प्रति दया भाव जागृत हुई और उन्होंने निर्मल सेवा सदन बनाया।

इन गुणों को जीवन में उतारें तो होंगे सफल

1 दृढ़ता: हमारे अंदर दृढ़ता होनी चाहिए कि हमें गुणवान बनना है। यही सफलता की कुंजी है।

2 आज्ञाकारी: अपने से बड़ों के प्रति आदर का भाव रखें, आज्ञाकारी बनें।

3 गुण ग्राहकता: गुणों को ग्रहन करना। हमारे सामने कोई कैसा भी व्यक्ति आए, हमें उनके अंदर के गुणों को ग्रहण करना है और अवगुणों को निकल देना है।

4 दान का भाव: हमारे अंदर सभी के प्रति देने की भावना होनी चाहिए। हम जितना दूसरों को बांटांगे , उससे ज्यादा हमें मिलेगा।

5 आत्म चिंतन: स्वयं का चिंतन करें। जीवन में क्या करना है, लक्ष्य क्या है, यह चिंतन से पता चलेगा।

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