वेतन और स्टाफ बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर स्टाफ नर्सों की अनिश्चतकालीन हड़ताल शुरू हो चुकी है। स्टाफ नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर नहीं पड़ा है।
स्टाफ नर्सों की जिम्मेदारी संविदा नर्सों के साथ ही जीएनएम और एएनएम का कोर्स करने वाली युवतियों को सौंप दी गई हैं। अस्पताल प्रबंधन ने हड़ताल को देखते हुए पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था कर ली थी। इस कारण इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। अपनी मांगों को लेकर स्टाफ नर्सें पिछले काफी समय से विरोध जता रही थीं। स्टाफ नर्सों की प्रमुख मांग वेतन और स्टाफ बढ़ाने की है। यह मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने अनिश्चतकालीन हड़ताल करने की चेतावनी दी थी।
मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर की करीब 3 हजार स्टाफ नर्सों ने शुक्रवार से अनिश्चतकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल में जिले से भी 200 स्टाफ नर्सें शामिल हुईं। हड़ताल की जानकारी पहले से होने के कारण जिला अस्पताल प्रबंधन ने संविदा नर्सों के साथ ही जीएनएम व एएनएम का कोर्स करने वाली युवतियों को वार्डों में तैनात कर दिया। प्रत्येक वार्ड में 10-10 की संख्या में इनकी ड्यूटी लगाई गई।