सुपेला एरिया की ट्रैफिक सुधारने के लिए रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर तक पुलिस और निगम की टीम ने संडे मार्केट में फिर से कार्रवाई की। कार्रवाई से पहले पुलिस की टीम ने पैदल मार्च किया। यह देख व्यापारी हड़बड़ा गए।
फुटकर व्यापारी अपना-अपना सामान लेकर भागने लगे। कई दुकानदारों ने लोहे के एंगल और बांस-बल्ली लगाकर दुकान के आगे करीब 5-5 फीट रास्ता घेर लिया था। निगम और पुलिस की टीम ने उन्हें बुल्डोजर के माध्यम से हटवा दिया। एएसपी शशिमोहन सिंह सुबह से ही मोर्चा संभाले रखा। पुलिस की भारी संख्या देख सड़क पर दुकान लगाने वाले व्यापारी भी नरम पड़ गए। बीच-बीच में विरोध दर्ज कराने की कोशिश करते। लेकिन पुलिस और प्रशासन उन्हें कार्रवाई का अल्टीमेटम दे देती।
पुलिस की सख्ती पर भड़के व्यापारी, कराया शांत
कार्रवाई के दौरान पुलिस की टीम ने ठेला लगाने वालों को भी खदेड़ा।
जनहित संघर्ष समिति ने की थी शिकायत
सुपेला से राजेंद्र नगर चौक के बीच प्रत्येक रविवार को फुटकर दुकानदार अपने-अपने सामान लगाकर मुख्य मार्ग पर इतना अतिक्रमण कर देते थे कि वाहन लेकर यहां से गुजरना दुश्वार हो जाता था। जनहित संघर्ष समिति के अध्यक्ष शारदा गुप्ता समेत व्यापारी संघ ने सुपेला संडे बाजार को हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।
बड़ी कार्रवाई की, पर कुछ दिन बाद फिर वही हालात
ऐसा नहीं कि पुलिस, जिला और निगम प्रशासन ने पहली बार किसी बड़े कब्जे को मुक्त कराया। इससे पहले भी दुर्ग-भिलाई में बड़ी कार्रवाई की गई। लेकिन सतत निगरानी न होने से पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही फुटकर दुकानदारों का मजमा लग जाता है। रविवार को दोबारा कार्रवाई करनी पड़ी।
450 दुकान लगते थे
पहले संडे मार्केट में करीब 450 लोग सुपेला से लेकर राजेंद्र प्रसाद चौक तक दुकान लगाते थे। 200 लोग तो डिवाइडर को ही काउंटर बना लेते थे। इस एक दिन के बाजार में 150 दुकानें तो सिर्फ कपड़े की है लगती थी।
कार्रवाई का हुआ विरोध
कार्रवाई के दौरान जब टीम ने मस्जिद के बाजू वाले रास्ते में दुकान के बाहर रखे सामान को हटाना शुरू किया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। विरोध करने लगे। एएसपी ने नारेबाजी करने वाले लोगों को शांत कराया।