दुर्ग आइडल का फाइनल राउंड शुरू हो गया है। इसके जूनियर वर्ग में 15 और सीनियर वर्ग में 25 प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति देंगे। 18 मई से इसका फाइनल राउंड शुरू हो रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दुर्ग की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और उसे निखारना है।
22 अप्रैल से इसकी शुरुआत हुई थी। इस दौरान शहर के प्रत्येक वार्ड के प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी। सेमिफाइनल के बाद प्रतियोगिता का अंतिम राउंड शुरू हो रहा है। इस राउंड में कुछ शर्तें हैं, इसके अनुसार प्रतिभागियों को म्यूजिशियन टीम और इंस्ट्रूमेंट्स के साथ उपस्थित होना होगा। जूनियर वर्ग के प्रतिभागियों को हिंदी और छत्तीसगढ़ी में गीत सुनाने होंगे। सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों को कार्ड राउंड, जजेज च्वॉइस और एक छत्तीसगढ़ी गीत सुनाना होगा।
चौपाटी में प्रतियोगिता का अंतिम सेमिफाइनल राउंड के दौरान प्रतिभागियों को परखा।
अंतिम सेमिफाइनल राउंड में प्रतिभागियों ने सुनाए ये गीत
अंतिम सेमिफाइनल राउंड में आकांक्षा देवांगन ने राम चाहे..., मंजूषा पांडेय ने ये गलियां ये चौबारा यहां न आना दोबारा..., इमरान अली ने मेरे जीवन साथी प्यार किए जा..., तुमसे मिल के ऐसा लगा... आदि गीत सुनाए। संचालन नारायण ठाकुर और प्रशांत श्रीवास्तव ने किया। गीतों के बोलों, शब्द, सुर, लय और ताल को जज अर्पिता ने परखा।