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मैन पावर की कमी से जूझ रहे एचओडी इसलिए आवेदनों को नहीं दे रहे मंजूरी

3 वर्ष पहले
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बीएसपी में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) लागू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, इस दौरान अफसर और कर्मियों में इसे लेकर खास उत्साह तो नजर आ नहीं रहा है। यही वजह है कि पहले 15 दिनों में केवल 35 अधिकारी और कर्मियों ने वीआर के लिए आवेदन किया। उनमें भी मैन पावर की कमी का सामना करना विभाग प्रमुखों का भी रिस्पांस वीआर को लेकर ठंडा है। लिहाजा 15 में से महज 11 आवेदनों को ही अंतिम मंजूरी के लिए कंपनी के कार्पोरेट आफिस भेजा जा सका।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के तहत एक हजार कार्मिकों का टार्गेट तय किया है। इनमें से सवा 500 कार्मिकों को वीआर देने का टार्गेट अकेले भिलाई स्टील प्लांट के लिए है। योजना एक मई से लागू कर दी गई है जो 30 जून चलेगी। काम का लगातार बढ़ते दबाव के बाद भी पिछले बार की तरह इस बार भी अधिकारी-कर्मियों में स्कीम को लेकर रिस्पांस नहीं है।

एचओडी को प्रॉडक्शन की चिंता

ऐसे कार्मिक समय के पहले ही रिटायर लेने का मन बना रहे हैं लेकिन उनकी योजना में इस बार विभाग प्रमुख (एचओडी) आड़े आते नजर आ रहे हैं। क्योंकि वे पहले ही मैन पावर की कमी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बचे-खुचे भी रिटायर ले लेंगे तो वे प्रॉडक्शन टार्गेट किनके भरोसे पूरा करेंगे। यही वजह रही कि अब तक वीआर के लिए मिले आवेदनों में केवल 11 आवेदनों को ही मंजूरी के लिए कार्पोरेट आफिस भेजा गया।

पिछली बार बीएसपी ही पूरा कर पाया था टार्गेट

वीआर स्कीम पिछले साल भी प्रबंधन ने लागू की थी। उस समय अकेले बीएसपी ही टार्गेट को पूरा कर पाया था। सेल की अन्य इकाइयों में सफलता नहीं मिल सकी थी। इसको देखते हुए सेल ने बीएसपी का टार्गेट भी बढ़ाया है। पूर्व में बीएसपी का लक्ष्य 480 ही था, जो इस बार सवा पांच सौ कर दिया गया है। एचओडी के रवैये से लक्ष्य मुश्किल नजर आ रहा है।

प्लांट में कर्मचारियों की औसत आयु 53 साल

बीएसपी में कार्यरत अफसर-कर्मियों की संख्या करीब 24 हजार है। वीआर स्कीम के फार्मूले के क्राइटेरिया में बीएसपी अफसरों की संख्या ज्यादा हो सकती है। क्योंकि प्लांट में कार्मिकों की औसत आयु 53 वर्ष बताई गई। प्लांट में सबसे अधिक भर्ती वर्ष 1981 से 1988 के दौरान हुई।

वीआर लेने वाले अफसरों के पद हो जाएंगे खत्म

अफसरों के मुताबिक वीआर लेने वाले अफसर-कर्मियों को 30 दिनों से ज्यादा का अतिरिक्त बेसिक और डीए का भुगतान किया जाएगा। स्कीम में वे अफसर और कर्मी ही आवेदन कर सकते हैं जिन्हें सेल ज्वाइन किए 15 साल हो चुके हैं। आयु 50 साल व उसके अधिक हो। इधर सेवानिवृत्ति योजना के प्रावधान को लेकर कर्मचारी यूनियनों में चिंता भी बनी हुई है।

एक नजर बीएसपी में अब तक के वीआरएस पर...

12 बार लागू हो चुका है बीएसपी में वीआरएस।

1986 में पहली बार बीएसपी में लागू किया गया था।

20 हजार अफसर व कर्मी इसी पैटर्न से रिटायरमेंट लिए।

2 हजार अफसर और 17 हजार कर्मचारी इसमें शामिल है।

2016 में आखिरी बार वीआर लागू था, तब 350 कार्मिकों को वीआर देने का लक्ष्य था।

368 कार्मिकों ने वीआर लिया था 2016 में।

प्लांट से कम किए जाएंगे 5 हजार कार्मिक, रखा लक्ष्य

इस्पात उत्पादन का कास्ट सेल में प्रति कार्मिक करीब 7 हजार रुपए है। प्राइवेट कंपनियों में यह खर्च 800 से 900 रुपए ही प्रति कार्मिक आता है। ऐसे में सेल ने बीएसपी के 24 हजार कार्मिकों में से कुछ सालों में 5 हजार कार्मिक कम करने का लक्ष्य रखा है। ताकि उत्पादन के लागत को कम से कम किया जा सके। निजी कंपनियों के उत्पादों को कड़ी टक्कर मिलेगी।

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